सावधान: बच्चों में ज्यादा बढ़ रही लिवर की यह बीमारी

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*एसजीपीजीआई पीडियाट्रिक गैस्ट्रो क्लीनिक और स्थापना दिवस

ल ‌खनऊ । ‌ ‌ वर्तमान समय में, बच्चों में विभिन्न पेट और यकृत रोगों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सामान्य दस्त संबंधी बीमारियों के अलावा, दुनिया भर में और साथ ही भारत में बच्चों में सूजन आंत्र रोग (आई बी डी) बढ़ रहा है। यकृत रोगों में, बढ़ती जागरूकता और मौलिक्यूलर डायग्नोस्टिक सुविधाओं की उपलब्धता के कारण विभिन्न मेटाबौलिक लिवर रोगों के अधिक से अधिक मामलों का निदान किया जा रहा है। पारिवारिक इंट्राहेपेटिक कोलेस्टेसिस (पी एफ आई सी) अब भारत में असामान्य नहीं है।

बच्चों में एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और हाल के दिनों में इस रोग के प्रबंधन में भी भारी बदलाव आया है।‌संजय‌‌ गाधी पी जी आई की पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएन्ट्रोलाजी ओ पी डी में बच्चो मे फंक्शनल गैस्ट्रोइंटेस्टिनल डिस‌आडर ‌ जैसे फंक्शनल गैस्ट्रोइंटेस्टिनल पेन के मामले भी आ रहे है। गलत निदान से बचने और समय पर उचित उपचार हेतु जनसामान्य के साथ-साथ चिकित्सको के बीच जागरूकता की आवश्यकता है।

संजय गांधी पी जी आई का पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग 22 और 23 को लेक्चर थिएटर कॉम्प्लेक्स में विभाग के 17वें स्थापना दिवस समारोह के साथ-साथ तीसरे पीजीआई पीडियाट्रिक गैस्ट्रो क्लीनिक का आयोजन कर रहा है। देश भर और पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश और नेपाल से लगभग 150 प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। डॉ. विनीता हार्डिकर, प्रोफेसर पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, रॉयल चिल्ड्रेन हॉस्पिटल (आरसीएच), मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया और आंत प्रत्यारोपण की प्रमुख इस वर्ष की हमारी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संकाय हैं।

अगले दो दिनों में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा की जाएगी, वे हैं। टाइफाइड, डेंगू के कारण होने वाली हेपेटाइटिस, एक्यूट पैन्क्रियाटाइटिस का प्रबंधन, पेट दर्द विकारों का प्रबंधन, कब्ज से पीड़ित बच्चो का उपचार प्रबंधन, सीलिएक रोग में नैदानिक ​​दृष्टिकोण, आई बी डी व प्रोग्रेसिव पारिवारिक इंट्राहेपेटिक कोलेस्टेसिस (पीएफआईसी), छोटी आंत से रक्तस्राव का प्रबंधन। कार्यक्रम को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह बच्चों में प्रचलित अधिकांश सामान्य गैस्ट्रोइन्टेस्टाइनल संबंधी समस्याओं को कवर करता है। ये क्लीनिक निसंदेह चिकित्सको और समाज को अधिकतम लाभ प्रदान करेगे।

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