बुखार प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर की जा रही रोगियों की खोज

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लखनऊ. प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि प्रदेश के कुछ जनपदों में दिनांक 10 अगस्त मगध से जारी बुखार के आउटब्रेक पर प्रभावी रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर कार्यवाही जारी है। ग्रसित रोगियों की खोज के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में एक्टिव केस फाइन्डिग का दायरा बढ़ाया गया है। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर रोगियों की खोज की जा रही है। संवेदनशील एवं अतिप्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। निरोधात्मक कार्यवाही में पंचायती राज, ग्राम्य विकास एवं शहरी विकास विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है जिससे इन क्षेत्रों की स्वच्छता एवं जल-भराव की स्थिति में सुधार कर मच्छरों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। जनपदों में मुख्य चिकिकत्सा अधिकारी के नेतृत्व में रैपिड रिस्पांस टीम (आर0आर0टी0) द्वारा प्रतिदिन संक्रामक रोगों और प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा कर अगले दिन की योजना तैयार कर कार्यवाही की जा रही है।

श्री सिंह ने कहा कि प्रत्येक जनपद में संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष क्रियाशील हैं जिनके द्वारा क्षेत्रों से विभिन्न माध्यमों से संक्रामक रोगों की सूचना प्राप्त कर टीमों को रवाना किया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रकाशित समाचार-पत्रों में संक्रामक रोगों सम्बन्धी खबरों का भी त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। जनपदों में संक्रामक रोगों के नियंत्रण के लिए आवश्यक औषधियों एवं सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा रोकथाम के लिए स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के लिए बृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा है। प्रभावित जनपदों की चिकित्सा ईकाइयों में बुखार के रोगियों के उपचार के लिए विशेष वार्ड भी स्थापित किए गए हैं। समस्त कार्यवाहियों पर राज्य मुख्यालय द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले 24 घंटों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विस्तृत स्तर पर चलाए जा रहे अभियान में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, हरदोई, खीरी, बहराइच और सीतापुर जनपदों में कुल 329 टीमें क्रियाशील हैं जिनके द्वारा 11,682 बुखार से पीड़ित रोगियों को खोज कर लक्षण-आधारित उपचार प्रदान किया गया तथा विभिन्न रोगों के सम्भावित रोगियों की जांच की गई। इनमें से मलेरिया की जांच के लिए कुल 9,945 रोगियों की रैपिड डायग्नोस्टिक किट के द्वारा जांच की गई जिसमें कुल 1,591 मलेरिया के रोगी पाए गए। इन सभी मलेरिया के रोगियों को समुचित उपचार प्रदान किया गया तथा घरों एवं आस-पास निरोधात्मक कार्यवाही सम्पादित करते हुए स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गई।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों से सीजनल फीवर और मलेरिया बुखार की संख्या में कमी आ रही है। प्रदेश के किसी भी अन्य जनपद में आउटब्रेक/संक्रामक रोगों के प्रसार की रिपोर्ट नहीं है लेकिन एहतियातन सभी जनपदों में आवश्यक एवं अनिवार्य रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यवाही की जा रही है तथा स्थिति नियंत्रण में है।

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