लखनऊ। गुडंबा स्थित एक निजी हास्पिटल एंड ब्लड बैंक ने नियमों को ताक पर रखकर ब्लड डोनेशन कैंप लगवाकर सैकड़ों यूनिट ब्लड एकत्र कर लिया। बताया जाता है कि ब्लड बैंक ने ब्लड डोनेशन कैंप लगाने के लिए कोई भी अनुमति डीएम-सीएमओ से नहीं ली गयी थी। इस जानकारी मिलने के बाद सीएमओ ने ब्लड बैंक को नोटिस जारी क रने का निर्देश दे दिया है। सीएमओ का कहना है कि ब्लड बैंक ने कैंप लगाने की सिर्फ सूचना भेजी थी, मगर डोनेशन कैंप के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। जब कि निजी ब्लड के प्रबंधतंत्र का कहना है कि ब्लड डोनेश की अनुमति ले गयी थी।
गुडंबा स्थित एक निजी अस्पताल एंड ब्लड बैंक ने बीते सप्ताह हजरतगंज स्थित एक राजनैतिक पार्टी का ब्लड डोनेशन कैंप लगाया था।
इस दौरान कार्यकर्ता-पदाधिकारियों ने करीब 121 यूनिट ब्लड डोनेशन कर दिया था। डोनेशन से मिला ब्लड निजी ब्लड बैंक ने एकत्र करने का बाद बिक्री भी करना शुरू कर दिया। नियमानुसार इसमें किसी भी सरकारी संस्था के ब्लड बैंक को शामिल नहीं किया गया था। बड़ी बात यह है निजी अस्पताल एंड ब्लड बैंक के संचालक ने डीएम-सीएमओ व एफएसडीए को कैंप लगाने की सूचना भेजी थी, लेकिन तीनों जगह से कैंप लगाने की अनुमति नहीं ली थी। अनुमति न मिलने के बाद भी नियमो को ताक पर रखकर इसके निजी ब्लड बैक ने 121 यूनिट ब्लड एकत्र कर लिया। इसकी शिकायत होने पर सीएमओ ने अपने कार्यालय में पड़ताल कराई तो पता चला कि निजी ब्लड बैंक ने हास्पिटल ने सिर्फ सूचना भेजी गई थी, मगर अनुमति नहीं दी गई थी। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि बिना अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगाने मामले में ब्लड बैंक को नोटिस जारी कराई जा रही है।
इसके बाद आगे की कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। ड्रग इंस्पेक्टर रमा शंकर का कहना है कि इसकी सूचना भेजी गई थी मगर अनुमति सीएमओ को देनी थी। केजीएमयू के ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की प्रभारी डा. तूलिका चंद्रा का कहना है कि सरकारी संस्थानों को छोड़कर बिना अनुमति निजी ब्लड बैंक कैंप नहीं लगा सकते हैं।
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