लखनऊ। कोई मेरी बाइक चोरी हो गयी है, आज सुबह से केवल नहीं आ रहा है, भइया हमारा लड़का कहीं खो गया है, बहुत ढूंढा पर मिला नहीं, ये वो शब्द हैं, जो 108 एम्बुलेंस सेवा पर आने वाली कॉलों पर कर्मचारियों व कॉल टेकर को लगातार परेशान कर रहे हैं, यही नहीं कुछ नम्बरों से तो 100 से भी अधिक बार कॉलें आयीं।
प्रदेश में 108 व 102 एम्बुलेंस सेवा का संचालन कर रही जीवीके इएमआरआई संस्था के मुख्य परिचालन अधिकारी दृ त्न्न्दृक़्द्धत्त् जितेन्द्र वालिया ने लोगों से अपील की है कि यह जीवनरक्षक आकस्मिक सेवा है, इसमें आवश्यकता पर ही कॉल करें ताकि जरूरतमंदों को सेवा पहुँचाने में असुविधा न हो।
संस्था के मुख्य परिचालन अधिकारी जितेन्द्र वालिया ने बताया कि देश के कई प्रदेशों के साथ यू0पी0 में भी 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन पिछले कई वर्षों से संस्था द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है, हमारी कोशिश रहती है कि कॉल आने से 15 से 20 मिनट के समय अन्दर जरूरतमंद तक 108 एम्बुलेंस पहुँचे और उसे अस्पताल पहुँचकर समय रहते उपचार दिलाया जा सके। इसी कड़ी में पिछले माह एएलएस एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस का भी संचालन शुरू हुआ है। इसके जरिए अत्यन्त गम्भीर मरीजों को भी 108 नम्बर के द्वारा ही एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध करायी जा रही है।
श्री वालिया ने बताया बीते कुछ दिनों से उन्हें शिकायत मिल रही है कि अनचाही कॉलों की संख्या काफी बढ़ गयी है। मो0 नं0-7052659842 से 147 बार, 9675296242 से 128 बार, 9627213287 से 112 व 8476933863 से 105 बार अनचाही कॉल आयी, कुल 73 नम्बरों से अनचाही कॉलें आयीं जिससे कर्मचारियों व कॉल टेकरों को काफी परेशान होना पड़ा व कार्य में असुविधा आयी। श्री वालिया ने लोगों से इसके प्रति जागरुक होने व 108 व 102 पर आवश्यकता पड़ने पर ही कॉल करने की अपील की, ताकि सेवा का लाभ जरूरतमंदों तक पहुँचाने में दिक्कत न आये।















