लखनऊ । मनुष्य और पालतू जानवरों को सबसे करीबी मित्र कहे जाने वाले श्वान (कुत्ते) बस उनको पुचकार के खाने को दे दो तो वह अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं इसका जीता-जागता उदाहरण इन्दिरानगर में एक डॉक्टर की गैर मौजूदगी में उनके घर चोरों ने ताला तोडकर घर में दाखिल होते इससे पहले सड़कों पर रहने वाले श्वानों का झुंड उनके ऊपर टूट पडा। लाठी डंडों की मदद से चोरों ने खुद को बचाया और भाग निकले। इस दौरान दो कुत्ते घायल हो गये।
मेडिकल कालेज में डेंटल संकाय की डॉक्टर विशाखा शुक्ला का मकान इन्दिरानगर के सेक्टर 14 में स्थित है। डॉक्टर गली में रहने वाले सात-आठ कुत्तों को रोज खाना खिलाती हैं। जिनको लोग गली के अवारा कुत्ते कहकर उनसे लोग नफरत करते हैं। उन्हीं कुत्तों ने खाने की कीमत अपनी जिंदगी दांव पर लगा कर अदा कर दी। बीते रविवार को डॉ विशाखा व उनके परिवार के लोग बाहर गये हुये थे और उनके घर में कोई नहीं था। रात में उनके घर चोरों ने दरवाजे में लगे ताले को तोडने की कोशिश की ताला तोड़ने की आहट पाकर कुत्तों के झुंड ने चोरों के ऊपर टूट पडे़ और शोर सुनकर आसपास के रहने वाले लोगों के जागने से चोर भाग गये।
वहीं डॉक्टर जब वापस लौटकर आयीं तो उन्हें ताला टूटा मिला इसी बची पड़ोसियों ने उनको पूरी घटना बतायी। डॉक्टर विशाखा अब घायल कुत्तों को इलाज करा रही हैं। वहीं कालोनी में रहने वाले अन्य लोग भी इन्हीं कुत्तों की वफादारी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। कालोनी के लोगों ने प्रण किया गली में रहने वाले कुत्तों की देख रेख करेंगे।















