लखनऊ। ई-हास्पिटल के लक्ष्य से बलरामपुर अस्पताल काफी दूर है। तीन बड़े अस्पतालों को ई-हास्पिटल घोषणा स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी कर चुके हैं कि मरीज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं लेकिन अभी तक बलरामपुर अस्पताल में मैनुअल ओपीडी पर्चे की बनाए जा रहे हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार ई-हास्पिटल की तैयारी चल रही है। कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिये जा रहा है, कब ई-हास्पिटल की सुविधा मिलेगी, इसका स्पष्ट उत्तर नहीं मिल रहा है। ई-हास्पिटल योजना में गोमतीनगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में सबसे पहले सुविधा की शुरुआत की गयी, लेकिन अभी व्यवस्था आधी-अधूरी है।
कई विभागों को इण्टरनेट से जोड़ नहीं पाया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. ओमकार यादव ने बताया कि जल्द सभी व्यवस्था पूरी कर ली जाएंगी। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में ई-हास्पिटल सुविधा के लिए एक विशेष काउंटर खोला गया है, जिस पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था बनायी गयी है। यहां भी ई-हास्पिटल की व्यवस्था पूरी तरह से लागू नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 30 जिला स्तरीय चिकित्सालयों में ई-हास्पिटल परियोजना लागू की जाएगी। इस परियोजना के प्रथम चरण में लखनऊ स्थित तीन प्रमुख अस्पतालों में प्रारम्भ की गई है, इनमें डा. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल तथा बलरामपुर अस्पताल में ई-हास्पिटल परियोजना शुरु की गई है। यह जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक आलोक कुमार ने अपने बयान में पत्रकारों को दी थी।
उन्होंने बताया था ई-हास्पिटल की परियोजना प्रारम्भ हो जाने से अब कोई भी व्यक्ति ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत इण्टरनेट के माध्यम से घर बैठे पंजीकरण करा सकेगा। इस सुविधा को आधार नम्बर से भी लिंक किया जायेगा। उन्हांेने बताया कि इस परियोजना के तहत प्रारम्भ में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम ओपीडी, आईपीडी, बिलिंग एवं ई-ब्लड बैंक मॉड्यूल की भी व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इस परियोजना के डायग्नोस्टिक सार्विसेज एवं क्लीनिकल मॉडयूल सॉफ्टवेयर से जोड़ने का अनुरोध किया गया है, जिससे कि मरीज के इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड की पूर्ण सूचना कम्प्यूट्रीकृत हो सके। ई-हास्पिटल परियोजना के लागू होने के साथ-साथ ‘मेरा अस्पताल” योजना भी शुरु हो जायेगी ।















