लखनऊ । बलरामपुर अस्पताल में लम्बे समय से चल रही डायलिसिस यूनिट में वेटिंग खत्म हो गयी। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि हाल ही में अस्पताल के परिसर के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में पीपीपी माडल पर नयी यूनिट की शुरुआत हुई, इसमें करीब पचास मरीजों की डायलिसिस हो गयी। ज्यादातर मरीज इस नयी यूनिट में हीमोडायलिसिस कराना चाहते हैं
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह 14 मई को यूनिट का उदघाटन किया। यूनिट के 10 बिस्तरों में एक आरक्षित रहेगा, जिस पर हेपेटाइटिस व एचआईवी संक्रमित मरीज की डायलिसिस की जाएगी। रोजाना डायलिसिस तीन शिफ्ट में होती है। अस्पताल के निदेशक व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के निर्देश के बाद ही मरीज डायलिसिस करा सकते हैं। हेरिटेज हॉस्पिटल की डायलिसिस सेवा प्रदाता ईकाई के हेरिटेज रीनल एज के सीईओ ब्रिागेडियर आरवी सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश के 26 जिलों में नि:शुल्क हीमोडायलिसिस केन्द्र की स्थापना एवं संचालन के लिए करार किया है।
आजमगढ़, इलाहाबाद, वाराणसी आैर मेरठ के बाद बलरामपुर अस्पताल इस योजना का पांचवां केन्द्र बना है। सभी केन्द्रों से मरीजों से अच्छा फीड बैक मिलता है, क्योंकि डायलिसिस सेवाएं गुणवत्तापूर्ण मिलती हैं। बलरामपुर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. ऋषि कुमार सक्सेना ने बताया कि पहले से अस्पताल में संचालित डायलिसिस यूनिट बंद नहीं की जाएगी। यथावत कार्य करती रहेगी। हालांकि यह यूनिट काफी पुरानी हो चुकी है।
ऐसी में नयी यूनिट की आवश्यकता थी, क्योंकि कई बार मरीजों की वेटिंग बढ़ने लगती थी। इसके अतिरिक्त नयी यूनिट में हेपेटाइटिस व एचआईवी संक्रमित मरीज भी डायलिसिस करवा सकते हैं, ऐसा पुरानी यूनिट में संभव नहीं था।