लखनऊ। बालों में तेल लगाना, चोटी करने की स्टाइल जैसे निर्देश केजीएमयू के गल्र्स हास्टल में भी चर्चा में है। यह सब कोड वर्ड में पहुंचे है। उधर रैगिंग के खौफ में केजीएमयू हास्टल के ब्वायज मेडिकोज बहुत है। अभिभावकों परिसर में परिक्रमा करके अपने लाडलों का हाल चाल ले रहे है, जबकि केजीएमयू प्रशासन ने रैगिंग करने वाले सीनियर मेडिकोज के अभिभावकों को बुलाकर रैगिंग कार्रवाई की जानकारी देने का निर्णय लिया है, हालांकि चर्चा है कि अगर अभिभावकों ने रैगिंग की जानकारी न दी होती तो के जीएमयू प्रशासन तो सोता ही रहता।
बैच 2017 के ब्वायज मेडिकोज की रैगिंग होने के बाद सभी खौफ में है। अगर सूत्रों की मानें तो नये बैच के हास्टल में भी गल्र्स मेडिकोज के लिए रैगिंग के कोड पहुंच चुके है। निर्देश में नये बैच में बालों तेल लगाकर चिपका चोटी करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा चोटी की विभिन्न स्टाइल भी बतायी गयी है। उधर काफी संख्या में अभिभावक रैगिंग की जानकारी होने के बाद केजीएमयू पहुंच गये आैर हास्टल में लाडलों का हालचाल ले रहे है। उनमें डर बैठ गया कि जब इतनी सतर्कता व जागरूकता के बाद भी वीडियोकालिंग करके रैगिंग हो गयी तो अब क्या हो सकता है। नये मेडिकोज अपने मोबाइल पर अनजान नम्बर देखते ही डर जाते है।
उधर केजीएमयू प्रशासन ने अब परिसर में सख्ती बरतते हुए नये बैच के मेडिकोज को अाते जाते किसी के खड़े होने पर एतराज कर रहा है। इसके अलावा रैगिंग करने वाले सीनियर मेडिकोज के अभिभावकों को जानकारी देते हुए बुला लिया है। उधर प्राक्टर डा. आरएएस कुशवाहा का कहना है कि अभी गल्र्स हास्टल से कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत आयी तो कार्रवाई सुनिश्चित है।











