लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग ने बीती रात राजधानी के ग्रामीण व शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर अलग- अलग छापा मारने की कार्रवाई की। छापे की कार्रवाई में चिकित्सा व्यवस्था की पोल खुल गयी। काकोरी में एंटीवेनम इंजेक्शन लगाना नही लगाना आता था, तो टूड़िया गंज स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में आक्सीजन सिलेंडर डाक्टर लगा नही पा रहे थे। सिल्वर जुबली सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्टर ड्यूटी से नदारद थी।
टीम सोमवार को अपनी – अपनी रिपोर्ट को सौपेगे –
इसके बाद डाक्टरों पर कार्रवाई की जाएगी। शनिवार की बीती रात सीएमओ डा. जीएस बाजपेयी ने निर्देश पर अलग अलग एडिशनल सीएमओ, डिप्टी सीएमओ सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम रात नौ बजे के बाद चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लेने निकली। टीम एडीशनल सीएमओ डा. राजेद्र कुमार, डा. राजेद्र चौधरी, डा. सैयद, डा. अजयराजा, डा. अनूप श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई शुरू की।
- टीम को काकोरी में डाक्टर स्टाफ व पैरामेडिकल को एंटीवेनम इंजेक्शन लगाना नहीं आता था।
- गोसाईगंज में डा. राजेद्र चौधरी को इमरजेंसी में गंदगी मिली। वहंा पर चिकित्सा व्यवस्था भी सही नहीं थी।
- मोहनलालगंज में मरीजों का इलाज कम आराम ज्यादा हो रहा था।
- चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र में मात्र पांच मरीज थे आैर डाक्टर भी मौजूद थे लेकिन यहां की व्यवस्था से टीम संतुष्ट नहीं दिखी।
- इसी प्रकार टीम को सिल्वर जुबली सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर डाक्टर गायब मिली। स्टाफ नर्स ने बताया कि डाक्टर दवा लेने खुद गयी है।
- इसी प्रकार रेडक्रास बाल महिला अस्पताल में कोई महिला डाक्टर ही तैनात नहीं थी। मौके पर सोते हुए बाल रोग विशेषज्ञ मिला। यहां पर कोई मरीज भी भर्ती नहीं था।
- वही टूड़ियागंज में पहुंची टीम ने जब जांच पड़ताल की तो मरीज को इमरजेंसी में डाक्टरों को आक्सीजन सिलेंडर ही नही लगाना आता था।
- अलीगंज बाल महिला अस्पताल में टीम से डाक्टर के इलाज में लापरवाही की शिकायत एक डाक्टर ने की।
- इंदिरा नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र पर डाक्टर एप्रैन नहीं पहने थी।
सभी टीमे रविवार को सभी टीम अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौपेगी आैर उसके आधार पर कार्रवाई होगी।