लखनऊ । प्रदेश के 30 जिला स्तरीय चिकित्सालयों में ई-हास्पिटल परियोजना लागू की गई है। यह परियोजना प्रथम चरण में लखनऊ स्थित तीन प्रमुख अस्पतालों में प्रारम्भ की गई है, इनमें डा. राम मनोहर लोहिया, श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) तथा बलरामपुर अस्पताल में ई-हास्पिटल परियोजना शुरु की गई है। इनके अतिरिक्त प्रदेश के 27 अन्य अस्पतालों में भी ई-हास्पिटल परियोजना को इस वर्ष अक्टूबर तक लागू करने की कार्यवाही की जा रही है। यह जानकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक आलोक कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के जिन 27 अस्पतालों में ई-हास्पिटल व्यवस्था लागू करने की कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गई। उनमें आगरा, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, फैजाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, झांसी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, इलाहाबाद, बांदा, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़, सहारनपुर, वाराणसी के जिला तथा अन्य अस्पताल शामिल हैं। मिशन निदेशक ने बताया कि ई-हास्पिटल की परियोजना प्रारम्भ हो जाने से अब कोई भी व्यक्ति ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत इण्टरनेट के माध्यम से घर बैठे पंजीकरण करा सकेगा। इस सुविधा को आधार नम्बर से भी लिंक किया जायेगा। उन्हांेने बताया कि इस परियोजना के तहत प्रारम्भ में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम ओपीडी, आईपीडी, बिलिंग एवं ई-ब्लड बैंक मॉड्यूल की भी व्यवस्था की गई है।
राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इस परियोजना के डायग्नोस्टिक सार्विसेज एवं क्लीनिकल मॉडयूल सॉफ्टवेयर से जोड़ने का अनुरोध किया गया है, जिससे कि मरीज के इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकार्ड की पूर्ण सूचना कम्प्यूट्रीकृत हो सके। उन्होंने बताया कि एक माह में इन सभी माड्यूल के क्रियान्वित हो जाने की उम्मीद है।
मिशन निदेशक ने बताया कि ई-हास्पिटल परियोजना के लागू होने के साथ-साथ ‘मेरा अस्पताल” योजना भी शुरु हो जायेगी । इस योजना में रोगी संतुष्टिकरण संबंधित फीडबैक सिस्टम पर आधारित होगी। उन्होंने बताया कि जिन अस्पतालों में ई-हास्पिटल परियोजना क्रियान्वित की जा रही है, उनकी ग्रेडिंग डैश बोर्ड के माध्यम से भविष्य में प्रदर्शित की जायेगी। उन्होंने बताया कि डा. राम मनोहर लोहिया संयुक्त अस्पताल को मेरा अस्पताल से लिंक किया जा चुका है। शीघ्र ही सिविल अस्पताल को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है।















