लखनऊ। हमारा नेता कैसा हो….. यह चुनाव प्रचार आैर प्रदेश के डाक्टरों की समस्याओं का निराकरण करने का दावा करते हुए आज कल कुछ डाक्टर पीएमएस एसोसिएशन में अलग -अलग पदों पर जिताने का वादा लेकर वोट बैंक पक्का कर रहे है, पर स्वास्थ्य महानिदेशक के निर्देश को दरकिनार करके डाक्टर प्रत्याशियों ने अवकाश किससे पूछ कर लिया। इसकी कार्रवाई सोमवार से शुरू हो सकती है, जिसमें उनको अवकाश देने वाले अस्पताल व नोडल अधिकारी भी नप सकते है।
दरअसल अस्पतालों में तैनात डाक्टर मरीज के इलाज को दरकिनार करके चुनाव प्रचार करके प्रदेश के अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों में जाकर वोट मांग रहें है। 26 मई को होने वाले प्रोविशियल मेडिकल सर्विसेज (पीएमएस) एसोसिएशन के होने वाले चुनाव में ज्यादातर डाक्टर प्रत्याशी अवकाश रह कर प्रदेश के अस्पतालों में प्रचार कर रहे है।
जब कि स्वास्थ्य महानिदेशक डा. पद्माकर सिंह ने प्रदेश के सभी अस्पतालों को निर्देश दिये है कि अस्पतालों में अपरिहार्य कारणों को छोड़ कर किसी भी डाक्टर को अवकाश दिये जाने से मना कर दिया है। उनका निर्देश है कि अगर डाक्टर अवकाश पर जाता है तो उसकी जिम्मेदारी अस्पताल या नोडल अधिकारी की होगी। ज्यादातर अस्पताल इस निर्देशों का पालन भी कर रहे है, लेकिन इस आदेश को पीएमएस के चुनाव में जुटे ज्यादातर प्रत्याशी दरकिनार कर दिये है। इनमें वह भी प्रत्याशी है जोकि वर्तमान में जिम्मेदारी पदों पर रह चुके है।
वह भी डाक्टरों के बेहतर कार्यो करने का दावा करते हुए प्रदेश में चुनाव प्रचार पर निकले हुए है। यही नही स्वास्थ्य महानिदेशालय में तैनात कुछ डाक्टर भी प्रदेश भ्रमण करते हुए अपने लिए वोट देने की मांग कर रहे है। इस जानकारी से खुद महानिदेशक डा. पद्माकर सिंह अंजान है। पीएमएस चुनाव में सबसे ज्यादातर प्रत्याशी राजधानी के ही अस्पतालों तैनात है आैर वह अवकाश पर है। महानिदेशक डा. पद्माकर सिंह ने बताया कि उन्होंने तो आदेश दे दिया, पर इसका पालन अस्पतालों को कराना है। अब चुनाव प्रचार के लिए अवकाश कैसे दिया गया या बिना बताये अवकाश पर चले गये है। इसकी जानकारी की जाएगी। अभी तक किसी ने उनसे शिकायत नहीं की है।