लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के दंत संकाय के मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के डा. शादाब मोहम्मद व उनकी टीम ने एओ प्लेटिंग तकनीकी का प्रयोग करते हुए मुंह की सर्जरी करते हुए चेहरे की महत्वपूर्ण टूटी हड्डियों को जोड़ दिया। इस सर्जरी के बाद मरीज के चेहरे की विकृति ठीक हो गयी।
डा. शादाब मोहम्मद ने बताया कि लखनऊ के राहुल व इटावा निवासी दलबीर का सड़क दुर्घटना में चेहरे की हड्डी एवं आंखों को सुरक्षित रखने वाली हड्डिया बुरी तरह से टूट गयी थी।दोनों ही मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद केजीएमयू रेफर कर दिया गया था। यहां पर डा. शादाब ने मरीजों की जांच कराने के बाद एओ प्लेटिग तकनीक से सर्जरी करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से चूर चूर हुई या कई खंडों में टूटी हड्डी को जोड़ दिया जाता है। इसके तुरंत बाद मरीज खाने पीने आैर रोज मर्रा की दिन चर्या में करने लगता है। दोनो की सफल सर्जरी के बाद डा. शादाब के बताया कि आगे भी इस तकनीक से मरीजों की सर्जरी की जाएगी।
इन दोनों सर्जरी में डा. तस्वीर फातिमा, डा संजय कुमार, डा. वैभव, डा. रुबीन, डा. रूप, डा. विनोद शुक्ला तथा बेहोशी के डाक्टर तन्मय तिवारी मौजूद थे। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के दंत संकाय के मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के डा. शादाब मोहम्मद व उनकी टीम ने एओ प्लेटिंग तकनीकी का प्रयोग करते हुए मुंह की सर्जरी करते हुए चेहरे की महत्वपूर्ण टूटी हड्डियों को जोड़ दिया। इस सर्जरी के बाद मरीज के चेहरे की विकृति ठीक हो गयी।
डा. शादाब मोहम्मद ने बताया कि लखनऊ के राहुल व इटावा निवासी दलबीर का सड़क दुर्घटना में चेहरे की हड्डी एवं आंखों को सुरक्षित रखने वाली हड्डिया बुरी तरह से टूट गयी थी।दोनों ही मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद केजीएमयू रेफर कर दिया गया था। यहां पर डा. शादाब ने मरीजों की जांच कराने के बाद एओ प्लेटिग तकनीक से सर्जरी करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से चूर चूर हुई या कई खंडों में टूटी हड्डी को जोड़ दिया जाता है। इसके तुरंत बाद मरीज खाने पीने आैर रोज मर्रा की दिन चर्या में करने लगता है।
दोनो की सफल सर्जरी के बाद डा. शादाब के बताया कि आगे भी इस तकनीक से मरीजों की सर्जरी की जाएगी। इन दोनों सर्जरी में डा. तस्वीर फातिमा, डा संजय कुमार, डा. वैभव, डा. रुबीन, डा. रूप, डा. विनोद शुक्ला तथा बेहोशी के डाक्टर तन्मय तिवारी मौजूद थे।















