लखनऊ। डायबिटीज के अलावा थायराइड बीमारी भी महिलाओं में घातक हो सकती है। शोध व रिपोर्ट बताती है कि अगर गर्भवती महिला की समय पर थायराइड की जांच समय पर न हो तो उसके गर्भपात तक हो सकता है। इसलिए डायबिटीज के अलावा इसकी जांच करा लेना चाहिए। यह जानकारी विशेषज्ञों ने रविवार को कंवेंशन सेंटर में आयोजित गर्भावस्था में मधुमेह विषय पर कार्यशाला में दी गयी। कार्यशाला में क्वीन मेरी अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डा. एसपी जायसवार ने डाक्टरों को गर्भवती महिलाओं में डायबिटीज की जांच में गाइड लाइन का पालन किये जाने का निर्देश दिया।
कार्यशाला में वरिष्ठ डा. अनुज माहेश्वरी ने कहा कि गर्भवती महिला की डायबिटीज की जांच तो आवश्यक है ही, लेकिन गर्भवती महिला की थायराइड की जांच भी करा लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि हार्मोन के असंतुलन से गर्भपात होने की भी आशंका होती है। अभी तक यह जांच स्वास्थ्य केन्द्रों पर हार्मोंस की जांच न होने पर डाक्टर इसके प्रति गंभीरता नहीं दिखाता है।
क्वीन मेरी की चिकित्सा अधीक्षक डा. एस पी जायसवार ने बताया कि गर्भवती महिला को डायबिटीज होने की आशंका ज्यादा होती है। उनके यहां महिलाएं भी काफी संख्या में आती है। इसके बाद गर्भवती महिलाओं को डायबिटीज की जांच में गाइड लाइन का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिला को 75 ग्राम ग्लूकोज के साथ कुछ बूंद नीबू के देकर दो घंटे बाद डायबिटीज की जांच करनी चाहिए। कार्यशाला में मुबई व अन्य अस्पतालों से आये डाक्टरों ने भी अपने विचा प्रकट किये .