लखनऊ। चक गजरिया स्थित कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में बृहस्पतिवार को आउटसोर्सिग कर्मचारियों ने वेतन विसंगति में गड़बड़ी से आक्रोशित होकर धरना देते हुए प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन के कारण दोपहर बारह बजे तक कामकाज प्रभावित रहने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों का आरोप है कि नई सेवा प्रदाता कंपनी ने उनका वेतन कम करने के साथ ही ग्रेडिंग सिस्टम ही गड़बड़ कर दिया है। संस्थान प्रशासन शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है।
कैंसर संस्थान में लगभग 250 से 300 आउटसोर्सिंग कर्मचारी काम कर रहे हैं। यहां प्रतिदिन ओपीडी में 200 से ज्यादा मरीज आते है। बृहस्पतिवार को नर्स, टेक्नीशियन व अन्य श्रेणी के पैरामेडिकल स्टाफ ने सुबह नौ बजे कामकाज बंद कर दिया। अचानक काम बंद करने से संस्थान में हड़कम्प मच गया। इस कारण दूर-दराज से इलाज की उम्मीद में पहुंचे कैंसर मरीजों को दिक्कत होने लगी। मरीज जांच, डॉक्टर के परामर्श व कीमोथेरेपी लगवाने के लिए इधर- उधर भटकते रहे। परिसर में अव्यवस्था व अफरा-तफरी मचने लगी। कैंसर मरीजों ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों से इलाज शुरू करने का अनुरोध किया, परन्तु कर्मचारियों ने मजबूरी बताते हुए प्रदर्शन जारी रखा। कर्मचारियों का आरोप है कि पहले जो सेवा प्रदाता कंपनी थी, वो पैरामेडिकल को 16 हजार से अधिक तनख्वाह दे रही थी। टेंडर बदलने के बाद नयी कंपनी ने वेतन तीन से चार हजार तक कम कर दिया है। महंगाई के दौरान में इतने कम वेतन में दिक्कत होने लगी है। संस्थान प्रशासन के अधिकारियों से मामले की शिकायत की भी। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का खामियाजा आउटसोर्स कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि धरना-प्रदर्शन या वेतन की मांग करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को अधिकारियों ने दो से तीन दिनों में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। तब कर्मचारी काम पर वापस आये। उसके बाद इलाज शुरू होने पर इलाज शुरू हो पाया।
बताते चले कि कैंसर संस्थान में आउटसोर्स कर्मचारी ही नहीं, डॉक्टरों का भी वेतन भी नहीं बढ़ पा रहा है। संस्थान में कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिल रहा है।












