लखनऊ – एम्स में लागू होने वाले वेतनमान और विभिन्न प्रकार के भत्तों को पीजीआई में तुरंत ही लागू किया जाये। क्योंकि एम्स में भत्ते लागू होने के बाद भी लंबे समय तक पीजीआई के अधिकारी उस आदेश को संस्थान में लागू नहीं करते हैं। इस वजह से पीजीआई कर्मचारियों को कई दिन तक अपनी जायज मांग के लिये भटकना पड़ता है। बुधवार को पीजीआई के विभिन्न संवर्ग के कर्मचारी नेताओं ने नई ओपीडी में बैठक कर कई मुद्दों पर चर्चा की।
पीजीआई को केंद्र के अधीन ले जाने की मांग पर भी कर्मचारी नेताओं ने चर्चा की। इस बैठक में प्रमुख रूप से राजेश शर्मा, केके तिवारी, सावित्री सिंह, सीमा शुक्ला, मदन मुरारी सिंह, ओम प्रकाश, पीके राणा, अमरुन्निशा, गणेश दत्त शुक्ला, मनीषा नायक, दिलीप सिंह समेत अन्य नेता शामिल रहे।
सर्वसम्मति से तय हुआ कि संस्थान के सभी कर्मचारियों का हस्ताक्षरयुक्त एक ज्ञापन राज्यपाल, मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री को दिया
जायेगा। इसमें कर्मचारियों की मांगें पूरी करने की अपील की जायेगी। कर्मचारी नेता मदन मुरारी ने मांग की कि पीजीआई में इंक्वायरी, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पीआरओ संवर्ग के कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी नहीं लग रही है। गिने-चुने कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाती है, जो कि अनुचित है। सभी कर्मचारियों की नियमित रूप से ड्यूटी लगाई जाये।