लखनऊ । बढ रहे अवैध गर्भपात की बढ़ते मामलो को देखते हुए राजधानी में गर्भपात करने या एमटीपी करने का पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है। इसके साथ ही प्रत्येक महीने एमटीपी की रिपोर्ट भी भेजना अनिवार्य हो गया है। इस बाबत मुख्यचिकित्सा अधिकारी ने राजधानी के सभी नर्सिंग होम व निजी अस्पताल को निर्देश दिये है। इसके अलावा यह भी कहा है कि 15 दिन के अंदर सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम व क्लीनिक अपना सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण करा ले।
स्वास्थ्य विभाग को शिकायत मिली थी कि राजधानी में अवैध गर्भपात कराने की घटनाएं बढ रही है। यह सब बिना पंजीकरण कराये निजी अस्पताल व नर्सिंग होम वाले कर रहे है। इसको गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को राजधानी के नर्सिंग होम, निजी अस्पताल की बैठक की। बैठक में सीएमओ डा.जीएस बाजपेई ने कहा कि अब सभी निजी अस्पताल या निजी नर्सिंग होम एमटीपी करते है,वह एमटीपी की रिपोर्ट प्रत्येक महीने सीएमओ कार्यालय भेजेगें। इसके अलावा एमटीपी करने वाले डाक्टर का नाम भी पंजीकरण में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में एमटीपी करने वाले डाक्टर बहुत कम है, उसकी तुलना में एमटीपी यानी गर्भपात ज्यादा हो रहे है। उन्होंने कहा कि परिवार नियोजन में गर्भनिरोध गोलियों का सेवन की जानकारी दर्ज की जाए।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा 15 दिन के अंदर सभी क्लीनिक, नर्सिंग होम व निजी अस्पताल अपना पंजीकरण कराये। उन्होंने कहा कि पंजीकरण अभी काफी कम संख्या में हुए है। ताकि इसके बाद झोलाछाप चल रहे क्लीनिकों पर छापामार कार्रवाई की जा सके।