लखनऊ। आठ महीने पहले राजेंद्र नगर स्थित निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मरीज दिव्या की मौत हो गई थी। परिजनों ने गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया था, लेकिन अब तक इस प्रकरण में न्याय के लिए पुलिस स्टेशन से लेकर सीएमओ कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। सीएमओ का कहना है जांच केजीएमयू के सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोंलॉजी को दी गयी है कि वहां से जांच रिपोर्ट नहीं दी गयी ंहै। परिजनों शनिवार को सीएम के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग की है।
बताते चले कि अर्शफाबाद निवासी सचिन अवस्थी ने आरोप लगाया था कि उसकी बहन दिव्या की बच्चेदानी में गांठ थी। राजेंद्र नगर स्थित निजी हॉस्पिटल में इलाज कराने गए थे,यहां पर डॉक्टर ने सर्जरी आवश्यक बताते हुए भर्ती कर लिया। इसके बाद बारह मार्च को दिव्या का ऑपरेशन तो कर दिया, लेकिन ऑपरेशन के बाद दिव्या की मौत हो गई। तीमारदार सचिन का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से दिव्या की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ थाना में पुलिस में दर्ज कराया था। पुलिस ने शिकायत के लिए जांच के लिए सीएमओ को पत्र लिखा। इसके बाद जांच के लिए तीन डॉक्टरों की टीम गठित की।
सचिन का आरोप है कि आठ महीना बीत गया, फिर भी जांच नहीं हो सकी। सीएमओ डॉ नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच केजीएमयू के प्रो अभिजीत चंद्रा को दी गई। केजीएमयू के स्तर से जांच अटकी हुई है। हालांकि दोबारा केजीएमयू को पत्र भेज मामले की जांच कर रिपोर्ट देने की बात कही जाएगी।
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