PGI Apex Trauma Center : एक्सीडेंट में बुरी तरह क्षतिग्रस्त चेहरा सर्जरी से हुआ ठीक, विशेषज्ञों की टीम ने दिया नया जीवन

0
41

​लखनऊ। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, एसजीपीजीआई (SGPGI) के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी चिकित्सा उत्कृष्टता का परिचय दिया है। सड़क दुर्घटना में बेहद गंभीर रूप से घायल एक 24 वर्षीय युवक का बहु-विषयक (Multidisciplinary) सर्जिकल टीमों ने अत्यंत जटिल सर्जरी के जरिए सफल उपचार किया है। दुर्घटना के कारण मरीज के चेहरे की हड्डियां, फेशियल नर्व और लार ग्रंथि की नलिका पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं।

​तीन चरणों में हुई जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी
​मरीज के चेहरे की सामान्य आकृति और कार्यप्रणाली को पुनर्स्थापित करने के लिए डॉक्टरों ने एक बेहद सुनियोजित योजना के तहत तीन चरणों में पुनर्निर्माण

(Reconstruction) प्रक्रिया पूरी की:
​अस्थि पुनर्निर्माण (Bone Reconstruction): पहले चरण में चेहरे की टूटी हुई गाल की हड्डी (Zygomatic Bone) और जाइगोमैटिक आर्च के बहु-खंडीय (Comminuted) फ्रैक्चर को रिपेयर कर स्थिर किया गया, जिससे चेहरे का प्राकृतिक ढांचा वापस लाया जा सका।
​माइक्रोसर्जिकल नर्व रिपेयर: फेशियल नर्व की टेम्पोरल, जाइगोमैटिक और बक्कल शाखाएं कट चुकी थीं। नर्व के क्षतिग्रस्त हिस्से को जोड़ने के लिए डॉक्टरों ने सुरल नर्व ग्राफ्टिंग (Sural Nerve Grafting) तकनीक का उपयोग किया।

​स्टेनसन्स डक्ट रिपेयर: लार को मुंह तक पहुंचाने वाली पैरोटिड डक्ट (Stensen’s Duct) को पुनः जोड़ा गया और इसके सुचारू संचालन के लिए इंट्राडक्टल स्टेंट लगाया गया।
​अंतर-विभागीय समन्वय और टीमवर्क की मिसाल
​इस बेहद चुनौतीपूर्ण और जटिल ऑपरेशन की सफलता विभिन्न विशेषज्ञ विभागों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है,

जिसमें ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी टीम ने मुख्य भूमिका निभाई:
​ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी: डॉ. कुलदीप विश्वकर्मा, डॉ. भारत शुक्ला, डॉ. अपूर्वा और डॉ. दीक्षा।
​प्लास्टिक सर्जरी: डॉ. अंकुर भटनागर, डॉ. निखिलेश और डॉ. सताक्षी (जटिल सॉफ्ट-टिशू एवं नर्व रिकंस्ट्रक्शन)।
​न्यूरोसर्जरी: डॉ. वेद।
​एनेस्थीसिया: डॉ. वंश, डॉ. विष्णु, डॉ. जगदीश और डॉ. आरती।

​नर्सिंग टीम: सुनीता फ्रेडरिक, सरिता, अंकिता और दीक्षा।
​यह केस साबित करता है कि जब बात गंभीर मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा की आती है, तो विभिन्न विशेषज्ञों का एक साथ मिलकर काम करना कितना निर्णायक होता है। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर, एसजीपीजीआई ने इस सफल सर्जरी के माध्यम से जटिल फेशियल इंजरी के इलाज में अपनी उच्चस्तरीय क्षमता को एक बार फिर साबित किया है।

Previous articleपतंजलि विश्वविद्यालय में होगा संस्कृत और संस्कृति का दिव्य संगम : स्वामी रामदेव
Next articleKgmu : यूरोलॉजी विभाग में असाध्य रोग योजना की दवाओं में 4 संविदाकर्मियों पर FIR दर्ज

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here