लखनऊ। राजधानी में वायरल और सीजनल बुखार का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। आलम यह है कि घर-घर लोग बीमारी की चपेट में हैं और अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की कतारें लंबी होती जा रही हैं। महज 20 दिनों के भीतर बुखार के मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी दर्ज की गई है।
अस्पतालों की OPD में भारी भीड़, 200 से अधिक भर्ती
कुछ दिन पहले तक अस्पतालों में रोजाना 500 से 600 बुखार पीड़ित पहुंच रहे थे, लेकिन अब यह संख्या 1200 के पार पहुंच चुकी है। बलरामपुर, सिविल, लोहिया संस्थान, केजीएमयू और लोकबंधु जैसे प्रमुख अस्पतालों में 200 से अधिक मरीज गंभीर हालत में भर्ती हैं।
गले में खराश, बदन दर्द और रिकवरी में 15 दिन का समय
मरीजों में तेज बुखार के साथ गले में दर्द, शारीरिक कमजोरी और बदन दर्द जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। कई मरीजों का बुखार 7 से 8 दिनों तक भी नहीं उतर रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, लगभग 90% मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ होने में 13 से 15 दिनों का समय लग रहा है।
जांच में रिपोर्ट नेगेटिव, डॉक्टर मान रहे वायरल इंफेक्शन
केजीएमयू मेडिसिन विभाग के डॉ. केके सावलानी ने बताया कि मरीजों के लक्षणों को देखते हुए डेंगू, मलेरिया और टायफाइड की जांच कराई जा रही है। हालांकि, कई मामलों में इन जांचों के परिणाम स्पष्ट नहीं आ रहे हैं, जिसके बाद डॉक्टर इसे वायरल संक्रमण मानकर इलाज कर रहे हैं।
लंबे समय तक बुखार बने रहने से परिजनों में चिंता बढ़ गई है।
डॉक्टरों की सलाह: लापरवाही से बचें, डॉक्टर से ही लें दवा
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव और एक-दूसरे के संपर्क में आने से यह संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उन्होंने मरीजों को सलाह दी है:
पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ: शरीर में पानी की कमी न होने दें और पूरा विश्राम करें।
खुद से दवा न लें: तेज बुखार कई दिनों तक बना रहे तो सेल्फ-मेडिकेशन के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से जांच कराएं।












