केजीएमयू में जल्दी 1750 पदों पर होगी भर्ती
500 नए बेड से गंभीर मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) से इलाज कराने वाले गंभीर मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। केजीएमयू का बहुप्रतीक्षित 500 बेड का ‘ट्रॉमा-2’ सेंटर अप्रैल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस नए सेंटर के शुरू होने से वर्तमान में संचालित ट्रॉमा-1 पर मरीजों का अत्यधिक दबाव काफी कम होगा।
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दूसरी बार केजीएमयू की कमान संभालने वाली कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने अपने नए कार्यकाल के लक्ष्यों को साझा करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रॉमा-2 के निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं पर लगभग 275 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
वर्तमान ट्रॉमा-1 पर क्षमता से अधिक बोझ
केजीएमयू का मौजूदा ट्रॉमा-1 सेंटर वर्तमान में भारी दबाव झेल रहा है। 400 बेड की क्षमता वाले इस सेंटर में अकसर 500 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। संसाधन सीमित होने के बावजूद डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को 100 से अधिक मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर ही करना पड़ता है। नए ट्रॉमा-2 के संचालन से मरीजों को समय पर बेड मिल सकेगा और स्ट्रेचर पर इलाज कराने की मजबूरी समाप्त होगी। दोनों सेंटरों में मरीजों का बंटवारा होने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा।
1750 डॉक्टरों और कर्मचारियों की होगी भर्ती
इमारत बनने के बाद मरीजों को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने मानव संसाधन जुटाने की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के अनुसार, ट्रॉमा-2 के संचालन के लिए करीब 1,750 नए पदों का खाका तैयार किया गया है। इसमें डॉक्टर, रेजिडेंट, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इस प्रस्ताव को जल्द ही शासन और उच्च अधिकारियों की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
इमरजेंसी सेवाओं का होगा विस्तार
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि संस्थान में रोजाना सड़क हादसों, गंभीर चोटों और अन्य इमरजेंसी स्थितियों के मरीज बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। 500 बेड वाले ट्रॉमा-2 के सक्रिय होने से आपातकालीन इलाज की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। इससे न केवल लखनऊ, बल्कि पूरे प्रदेश से आने वाले मरीजों को बेड के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और केजीएमयू की ट्रॉमा सेवाओं का व्यापक विस्तार होगा।










