SGPGI: ‘गर्भाशय कैंसर जागरूकता माह’ पर 250 महिलाओं ने ठाना- अब बीमारी से डरना नहीं, लड़ना है!

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​लखनऊ। जून का महीना दुनिया भर में ‘गर्भाशय कैंसर जागरूकता माह’ (Uterine Cancer Awareness Month) के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित संस्थान एसजीपीजीआई (SGPGI) की गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी टीम द्वारा शनिवार को एच. जी. खुराना ऑडिटोरियम में एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
​’इंटरनेशनल गायनेकोलॉजिक कैंसर सोसाइटी’ (IGCS) की इस वैश्विक मुहिम को आगे बढ़ाते हुए, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को गर्भाशय (एंडोमेट्रियल) कैंसर के जोखिमों, शुरुआती लक्षणों और जीवनशैली में जरूरी बदलावों के प्रति सचेत करना था।

​👑 जब ‘कैंसर वॉरियर्स’ के सम्मान में बजीं तालियां…
​इस पूरे कार्यक्रम का सबसे भावुक और मुख्य आकर्षण रहा गर्भाशय कैंसर से जंग जीत चुकीं महिलाओं का सम्मान समारोह। इन जांबाज महिलाओं को मंच पर ‘वॉरियर्स’ (Warriors) के रूप में सम्मानित किया गया।
​इन दिग्गजों ने किया सम्मानित:
​प्रो. आर.के. धीमन (डायरेक्टर, एसजीपीजीआई – पद्मश्री)
​प्रो. देवेंद्र गुप्ता (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक)
​प्रो. अंजू रानी (प्रसिद्ध गायनेकोलॉजी ऑन्कोलॉजिस्ट)
​”कैंसर का पता चलने से लेकर इलाज के आखिरी दिन तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन सही समय पर इलाज और हौसले ने मुझे नई जिंदगी दी।

— मंच पर अपनी कहानी साझा करते हुए एक ‘कैंसर वॉरियर’
​ठीक हो चुकी महिलाओं ने जब अपनी आपबीती और इस खतरनाक बीमारी को मात देने के अनुभव साझा किए, तो पूरा ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आज ये सभी महिलाएं स्वस्थ जीवन जी रही हैं और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।

​🎯 ओपन हाउस, क्विज़ और पोस्टर्स से दी गई सीख
​सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि कार्यक्रम को बेहद इंटरैक्टिव और ज्ञानवर्धक बनाया गया। इस जागरूकता अभियान को दिलचस्प बनाने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की गईं:
​ओपन हाउस और पैनल चर्चा: महिलाओं ने डॉक्टरों से सीधे सवाल पूछे और अपनी शंकाएं दूर कीं।
​क्विज़ और पोस्टर प्रतियोगिता: खेल-खेल में कैंसर के लक्षणों और बचाव की जानकारी दी गई।
​इस कार्यक्रम में लखनऊ और आस-पास के इलाकों से लगभग 250 महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस मुहिम को सफल बनाया।

​👩‍⚕️ इस सफल आयोजन के पीछे की टीम
​कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने और महिलाओं को जागरूक करने में एसजीपीजीआई की इस विशेषज्ञ टीम की मुख्य भूमिका रही:
​डॉ. अंजू रानी
​डॉ. इंदुलता
​डॉ. सुषमा
​डॉ. निधि सिंह
​एवं जनरल हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक।

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