17 फरवरी को सूर्य ग्रहण, विदेशों में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
लखनऊ । 17 फरवरी फाल्गुन अमावस्या तिथि मंगलवार को सूर्य ग्रहण लग रहा है। ज्योतिष आचार्यों के अनुसार इस दिन सूर्य ग्रहण शाम 5 बजकर 26 मिनट पर प्रारंभ होगा। इसका समापन शाम 7 बजकर 57 मिनट पर है। माना जाता है कि प्राय: सूर्य ग्रहण प्रारंभ होने से पहले 12 घंटे पहले सूतक काल लागू हो जाता है।

इस दौरान सभी मंदिरों के पट बंद हो जाते हैं और कोई दर्शन या स्पर्श नहीं कर सकता है। बताते चलें कि वर्ष का यह पहला सूर्य ग्रहण है, जो भारत में देखा नहीं जाएगा। इसलिए इसका सूतल काल भी नहीं लगेगा।
स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज ज्योतिषाचार्य एस.एस.नागपाल ने बताया कि आंशिक सूर्य ग्रहण दक्षिणी दक्षिण अमेरिका, अर्जेन्टीना, चिली, दक्षिणी अफ्रीका के क्षेत्रों, दक्षिण अटलान्टिक महासागर, दक्षिणी प्रशान्त महासागर तथा अन्टार्कटिका में भी दिखायी देगा। ज्योतिष आचार्य नागपाल ने बताया कि 17 फरवरी अमावस्या के साथ सूर्यग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह दिन भौमवती अमावस्या, देवपितृ कार्य ,श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान भोजन, वस्त्र या धन का दान करना, पुण्य बढ़ाने वाला माना जाता है।
उन्होंने बताया यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इस ग्रहण के दौरान सूर्य आग की चमकती अंगूठी जैसा दिखाई देगा। कि इस ग्रहण को रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। बहुत से ज्योतिषाचार्यो का मानना है कि सूर्य ग्रहण का सभी राशियों पर प्रभाव दिखाई देगा, जबकि कुछ का मानना है कि सूर्य ग्रहण का भारत में कोई असर नहीं होगा।












