पत्रकारिता की ताकत ही लोकतंत्र की असली आवाज़ है: आलोक त्रिपाठी

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राष्ट्रीय विस्तार की ओर लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन के मजबूत कदम

पत्रकार सुरक्षा आयोग और पेंशन जैसे मुद्दों पर हुआ मंथन

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लखनऊ। लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन की मासिक बैठक का आयोजन राजधानी लखनऊ में गरिमामय वातावरण में किया गया। बैठक में पत्रकारों के समक्ष मौजूद चुनौतियों, संगठन के विस्तार और पत्रकारों की सुरक्षा जैसे ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर मंथन हुआ। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक त्रिपाठी ने अपने विचारों से पत्रकारों में नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा का संचार किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकारिता अपने आप में एक कठिन, जोखिमभरा और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है, लेकिन सत्य को सामने लाना ही पत्रकार का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जिस दिन पत्रकार शांत हो जाएंगे, उस दिन समाज को यह पता ही नहीं चलेगा कि देश और समाज में क्या घट रहा है।

उन्होंने कहा कि पत्रकार सत्ता की कमियों को उजागर करता है, इसलिए चौथे स्तंभ को कमजोर करने के प्रयास लगातार होते रहे हैं, लेकिन संगठन की एकजुटता ही इसका सबसे बड़ा जवाब है।
उन्होंने संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन आज प्रदेश के 28 जिलों तक पहुंच चुका है और चार राज्यों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
पत्रकारों पर हो रहे हमलों को लेकर आलोक कुमार त्रिपाठी ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और समझदारी के साथ कार्य करते हुए पत्रकार खुद को कई हद तक सुरक्षित रख सकता है, लेकिन इसके बावजूद पत्रकार सुरक्षा आयोग का गठन समय की सबसे बड़ी मांग है।

वरिष्ठ पत्रकार रवि शर्मा ने कहा कि पत्रकारों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और संगठन का विस्तार समय की मांग है।
डॉ. वंदना ने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए मजबूत संगठन बेहद आवश्यक है। संगठित प्रयासों से ही पत्रकारों के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक हित सुरक्षित किए जा सकते हैं। पत्रकार संजय पाण्डेय ने संगठन को मजबूत करने के लिए आर्थिक और श्रम सहयोग पर जोर दिया।

वरिष्ठ पत्रकार पीयूष द्विवेदी ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए पारिवारिक संतुलन बनाए रखने की बात कही। डॉ. अर्चन ने सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई। जितेंद्र निषाद ने संगठन की बैठकों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया।
बैठक का संचालन करते हुए लखनऊ जिला अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने सभी पत्रकार साथियों से आह्वान किया कि संगठन की मजबूती ही पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी है।

बैठक में वरिष्ठ पत्रकार पीयूष त्रिपाठी,महिला इकाई की अध्यक्ष डॉ वंदना अवस्थी, डॉ अर्चना, संजय पांडेय, त्रिनाथ शर्मा, जितेंद्र निषाद, शशांक तिवारी, मनोज कुमार सिंह आशीष रंजन अनुराग सिंह सुभाष गुप्ता ,सफीक अहमद ,आशीष यादव ,अमित श्रीवास्तव, अर्जुन द्विवेदी,अतुल कुमार मिश्रा,प्रवीन कुमार ,विष्णु कांत श्रीवास्तव ,डॉक्टर सुधीर मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव ,शरद प्रकाश पांडे मोहम्मद फहीम ,सारिका,सफीक , शैफ,शोएब,रामकृष्ण मिश्रा, अजय गुप्ता, अनिल चौधरी, पवन कुमार बेरी, राहुल, आदि कई दर्जन पत्रकार मौजूद थे।

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