मुख एवं मुखगुहा कैंसर की रोकथाम पर विशेष ध्यान देना आवश्यक: कुलपति प्रो .सोनिया

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विश्व कैंसर दिवस पर ‘यूनाइटेड बाय यूनिक’ थीम के अंतर्गत सम्मान सभा एवं व्याख्यान का आयोजन

लखनऊ। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर Indian Cancer Society (उत्तर प्रदेश चैप्टर) द्वारा Department of Oral and Maxillofacial Surgery तथा Dakshama Health Education के सहयोग से “यूनाइटेड बाय यूनिक” थीम पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, शीघ्र निदान, जन-जागरूकता तथा रोगियों को समग्र सहयोग प्रदान करना रहा।

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कार्यक्रम का प्रमुख रूप से पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राजेंद्र प्रसाद एवं डॉ. शादाब मोहम्मद को कैंसर के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान लंग कैंसर पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें भारत में फेफड़ों के कैंसर की बढ़ती व्यापकता, इसके प्रमुख जोखिम कारकों—जैसे तंबाकू सेवन, पर्यावरणीय प्रदूषण एवं जीवनशैली—तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर kgmu की कुलपति प्रो. (डॉ.) सोनिया नित्यानंद ने मुख एवं मुखगुहा कैंसर की रोकथाम पर विशेष बल दिया। उन्होंने एचपीवी (HPV) से संबंधित सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में वैक्सीन की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह वैक्सीन अब भारत में स्वदेशी रूप से उपलब्ध है। साथ ही विश्वविद्यालय की मोबाइल डेंटल वैन के माध्यम से संचालित ओरल कैंसर स्क्रीनिंग शिविरों की भी सराहना की।

कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट अतिथियों में प्लास्टिक सर्जन डॉ. विजय कुमार, डॉ. हरिराम, डॉ. प्रदीप टंडन, डॉ. अमिया अग्रवाल, डॉ. अरुणेश तिवारी एवं डॉ. अखिलेश पांडेय उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त, Indian Cancer Society के सचिव डॉ. यू. एस. पाल ने अपने संबोधन में संस्था की भूमिका और सामाजिक दायित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंडियन कैंसर सोसाइटी केवल उपचार तक सीमित न रहकर कैंसर की रोकथाम, जागरूकता, शीघ्र जांच एवं रोगी-केंद्रित देखभाल के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

डॉ. पाल ने “यूनाइटेड बाय यूनिक” थीम को अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए कहा कि प्रत्येक कैंसर रोगी की यात्रा भिन्न होती है, इसलिए उपचार के साथ-साथ मानवीय संवेदना, सामाजिक सहयोग और बहु-विषयक समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में चिकित्सा संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं समुदाय के संयुक्त प्रयासों को समय की आवश्यकता बताया।

डॉ. शैलेंद्र तथा श्री हरभज राम कृपादेवी धर्मार्थ अस्पताल, चारबाग, लखनऊ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विद्यसागर गुप्ता भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। श्री गुप्ता ने आर्थिक रूप से कमजोर ओरल कैंसर रोगियों को प्रति माह ₹5,000 मूल्य की आवश्यक दवाइयाँ उपलब्ध कराने का संकल्प लिया, जिसकी उपस्थित जनों ने सराहना की।

कार्यक्रम का एक विशेष सत्र कैंसर रोगियों के प्रबंधन में संगीत चिकित्सा की भूमिका पर केंद्रित रहा, जिसमें रोगियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया गया।

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