लखनऊ । शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले मे चल रही खींचतान के बीच मंगलवार को उस समय हडकंप मच गया ,जब डिप्टी कमिशनर एसआईबी के बेहद महत्वपूर्ण पद पर तैनात प्रशांत कुमार ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ पर की गयी टिप्पणी से आहत होकर दो पन्ने का इस्तीफा मीडिया के सामने रखते हुए अपने उच्च अधिकारियों को सौप दिया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने आपनी पत्नी को रोते हुए फोन किया, जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ। इसके पूर्व इसी प्रकरण मे एक और प्रशासनिक अधिकारी के इस्तीफा देने का मामला सामने आया था।
समाचार लिखे जाने तक अयोध्या जोन के एडीशनल कमिशन डिप्टी कमिशनर को समझाने का प्रयास कर रहे थे, हालांकि मुख्यमंत्री की आलोचना के मामले मे लखनऊ, अयोध्या के एसआईबी व सचल दल के.अधिकारियों की आंखो के आसू थमने.का नाम नही ले रहे थे।
वही अयोध्या के डिप्टी कमिशनर का मामला मीडिया के माध्यम से संज्ञान मे आने के बाद पुलिस के आला अधिकारी जीएसटी कार्यालय पहुंच गए थे। वही जहां एक तरफ प्रशांत कुमार जैसे अधिकारी मुख्यमंत्री की आलोचना से आहत हैं, वही दूसरी तरफ विभाग मे सक्रिय तबादलो के सिलीपर सेल बीच सत्र मे सचल के अधिकारियों के तबादलो को लेकर जोर आजमा रहे है।
कयोंकि उनकी भावना केवल ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़ी हुई है। ऐसे मे विभाग के अधिकारियों का मानना है कि प्रमुख सचिव को तबादलो के इन सौदागरों से बचना चाहिए। फिलहाल इस मामले मे जीएसटी कमिश्नर डा नितिन बंसल बात करने की कोशिश की गयी , लेकिन उनका फोन नही उठा।







