राज्य कर के 30 अधिकारियों के निलंबन को कोर्ट ने किया खारिज

0
95

रवींद्र प्रकाश की विशेष रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग मे पिछले एक वर्ष के दौरान शासन के निर्देश पर कुल 65 अधिकारियों को बिना पक्ष रखने का मौका दिए निलंबित किया गया। जिसमे से 30 अधिकारियों के निलंबन को कोर्ट ने सुनवाई के दौरान गलत पाते हुए स्थगन आदेश देते हुए रोक लगा दी। इसमे राज्य कर अधिकारी डा. रमा मिश्रा व महेंद्र सिंह ने कोर्ट के स्थगन आदेश का पालन न होने पर अवमानना की याचिका दायर की थी जिसके बाद इन अधिकारियों को बहाल किया गया, जबकि गाजियाबाद के एडीशन कमिशन भूपेन्द शुक्ला के स्थगन आदेश को निरस्त करवाने के लिए खूब जोर आजमाई हुई। पहले डबल बेंच मे मामला गया ,वहा से भी हार का सामना करने के बाद शासन सुप्रीम कोर्ट गया, यहा से भी मात खाने के बाद श्री शुक्ला को बहाल करना पडा। शेष निलंबित अधिकारी सरकारी कर्मचारी नियमावली के तहत आधार वेतन जीवन यापन के लिए ले रहे है।

वही कोर्ट का स्थगन आदेश पा चुके ऐसे अधिकारी जिन्होंने शासन के सम्मान मे अवमानना का मामला नही दायर किया है उनके कोर्ट के स्थगन आदेश का विभाग परीक्षण करवा रहा है कि कोर्ट के आदेश का पालन किया जाए या नही। वही दूसरी तरफ जो अधिकारी स्थगन आदेश ले चुके हैं। लेकिन उनको बहाली भले ही नही मिली है, लेकिन सभी ने सीधे शासन मे योगदान आख्या प्रस्तुत कर स्थगन आदेश की तिथि से पूर्ण वेतन पाने की दावेदारी एक तरह से प्रस्तुत कर दी है। लगभग साल भर से स्थगन आदेश लेकर बैठे इन अधिकारियों के आधे वेतन का भुगतान ऐरियर के रूप मे तो करना ही पडेगा। सवाल ये है बिना काम के जब इन अधिकारियों को पूर वेतन मिलेगा यह भी एक तरत की राजस्व हानि होगी इसका जिम्मेदार कौन होगा।

Previous articlekgmu VC कार्यालय में OSDको हटाने, अन्य मांगों को लेकर VHP ने CM, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
Next articleभ्रष्टाचार रोकने के लिए खंड स्तर पर चलाया जाए संवाद कार्यक्रम: संदीप बंसल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here