लखनऊ। आंखों के पर्दे की सूजन के लिए अब मरीज को 29 हजार रुपये का इंजेक्शन खरीद कर नहीं लगवाना होगा। मात्र 80 रुपये के इंजेक्शन से मरीज को बीमारी से निजात मिल जाएगी। इस सस्ते इंजेक्शन का प्रयोग लगातार किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के नेत्र रोग विभाग में मरीजों पर कर रहा है। इससे मरीजो को राहत के साथ आर्थिक भार भी नहीं पड़ रहा है। डॉक्टरों का दावा है कि दोनों इंजेक्शन एक बीमारी पर एक तरह से ही काम करते हैं।
केजीएमयू के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में लगातार आंखों के पर्दे में सूजन, डायबिटिक रेटिनोपैथी के अलावा रेटिनल वेन अकुल्युशन बीमारी से पीड़ित लगभग सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों को अभी तक आंखों में स्टाराइड व दो अन्य दवाओं के मिश्रण से तैयार इंजेक्शन लगाया जा रहा था। इस इंजेक्शन की कीमत खुले बाजार में 29 हजार रुपये है।
डाक्टरों का दावा है कि इन्हीं दवाओं से तैयार दूसरी कंपनी का इंजेक्शन 80 रुपये में आ गया है। मरीजों को इंजेक्शन लगवाने का शुल्क 35 रुपये लिए जा रहे है। कुल 155 मरीजों पर इस इंजेक्शन का सफल प्रयोग किया जा चुका है। नेत्र रोग विभाग के डॉ. संजीव कुमार गुप्ता का दावा है कि इसका असर भी आंख पर तीन माह देखने को मिला है। इसका कोई दुष्प्रभाव भी अभी तक नहीं मिला है।















