लखनऊ। यूक्रेन-रूस युद्ध में फंसे प्रदेश के पांच भारतीय छात्र मंगलवार को जब राजधानी पहुंचे , तो उन्हें देखकर परिजन भावुक हो उठे। गले लगाकर रोने लगे। छात्रों ने बताया यूक्रेन में वह लोग कैसे संघर्ष के दिन बिता रहे थे। अमौसी एयरपोर्ट पहुंचने पर छात्रों का एडीएम विपिन मिश्र ने स्वागत किया। इस दौरान छात्रों के परिजन भी एयरपोर्ट पहुंचे गये थे और उन्हें लेकर घर रवाना हुए।
एयरपोर्ट से ही प्रशासन ने पांचों छात्रों को प्राइवेट गाड़ियों से उनके घर भेज दिया। मंगलवार लखनऊ पहुंचे छात्रों में नदीम खान और आकांक्षा चौरसिया राजधानी निवासी है।
वही गोंडा के जैनुल आब्दीन अंसारी, शाहजहांपुर की जया कुमारी, विकास यादव कानपुर निवासी हैं। इन छात्रों ने यूक्रेन में युद्ध के डरावने मंजर बयां किया। उन्होंने बताया कि वहां के सैनिक भारतीयों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं। लगातार हम लोग कई दिन संघर्ष करते हुए किसी तरह बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंचे। प्लेन से वहां से मुंबई और फिर लखनऊ आए। सात दिन से डर के साए में जी रहे थे। छात्र जब अपने देश पहुंचे ,तब राहत की सांस ली।











