-भारत सरकार ने डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जिट एग्जामिनेशन रेगुलेशन 2022 अधिसूचित जारी की
– न्यूनतम 50 फीसदी अंक से पास करनी होगी परीक्षा
लखनऊ। डिप्लोमा इन फार्मेसी उत्तीर्ण छात्रों को अब पंजीकरण से पहले एग्जिट परीक्षा पास करनी होगी। इस परीक्षा को बिना पास किए पंजीकरण नहीं होगा। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रस्ताव को भारत सरकार ने संस्तुति दे दी है। इसकी 24 फरवरी 2022 को अधिसूचना जारी की गयी है। इस लिहाज से 24 फरवरी के बाद डीफार्मा छात्रों को पंजीकरण से पूर्व एग्जिट परीक्षा देना अनिवार्य हो गया है।
प्रदेश फार्मेसी काउंसिल के पूर्व चेयरमैन और फार्मेसिस्ट फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि डिप्लोमा इन फार्मेसी एग्जिट एग्जामिनेशन रेगुलेशन 2022 भारत सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया है। इससे फार्मेसी के गिरते शैक्षिक स्तर में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि साल में दो बार परीक्षा आयोजित होगी।
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया परीक्षा कार्यक्रम घोषित करेगी। निर्धारित प्राधिकरण अभ्यर्थी को परीक्षा की तारीख और केंद्र आवंटित करेगी। एग्जिट एग्जाम के लिए फार्मेसी काउंसिल के नियमों के तहत अभ्यर्थी को डिप्लोमा फार्मेसी उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा।
फार्मास्यूटिक्स, फार्माकोलॉजी, फार्माकोग्नोसी, फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री, बायोकेमिस्ट्री, हॉस्पिटल एंड क्लीनिकल फार्मेसी, फार्मास्यूटिकल जूरिस्प्रूडेंस और ड्रग स्टोर मैनेजमेंट में बहुविकल्पीय प्रश्नों के तीन पेपर होंगे। परीक्षा की भाषा अंग्रेजी होगी। यह पेपर तीन घंटे में हल करना होगा।
परीक्षा में प्रत्येक पेपर में अलग से न्यूनतम 50 प्रतिशत नम्बर लाने होंगे। तीनों पेपर एक ही प्रयास में उत्तीर्ण करने होंगे। परीक्षा में बैठने के प्रयासों की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। इस परीक्षा में सफल होने वाले उम्मीदवार को नामांकन और फार्मेसी की प्रैक्टिस के लिए पात्रता का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसी आधार पर स्टेट फार्मेसी काउंसिल में डिप्लोमा फार्मेसिस्ट का पंजीकरण होगा।












