लखनऊ। राजधानी में कोरोना संक्रमण दुगने रफ्तार से बढ़ रहा है। बुधवार को 288 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। कोरोना संक्रमण के केस सबसे ज्यादा विदेश या फिर दूसरे राज्यों की यात्रा करने वाले लोग शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग इनकी कोरोना जांच कोरोना की जांच कराने के साथ ही जीनोम सिक्वेंसिग की जांच भी करा रहा है। इसके अलावा संक्रमित मरीजों से स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सम्पर्क बनाये हुए है।
इनमें बारह कोरोना संक्रमित डिस्चार्ज हो गये, जब कि राजधानी में 757 कोरोना के सक्रिय मरीज है।
बताते चले कि कोरोना की दूसरी लहर में मई 2021 के तीसरे हफ्ते में संक्रमितों का आंकड़ा 200 के ऊपर पहुंच गया था। आंकड़ों के अनुसार 21 मई 2021 में 286 नए संक्रमित पाए गए थे। 22 मई को यह आंकड़ा 291 पहुंच गया था। जबकि पांच जनवरी 2022 में भी 24 घंटे बाद यानी बुधवार को मरीजों की संख्या 288 पहुंच चुकी है। अगर देखा जाए तो 24 घंटे बाद कोरोना मरीजों की लगभग संख्या दुगनी हो गयी है।
स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों की माने तो राजधानी में लगातार विदेश या फिर दूसरे राज्यों की यात्रा कर लौटे यात्रियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो रही हैं। आंकड़ों के अनुसार बुधवार को 73 यात्रियों में संक्रमण की मिला है। इसके अलावा मरीजों के सम्पर्क में आने लोगों की जांच में 71 लोग कोरोना संक्रमित मिले है। सर्दी-जुकाम व बुखार जैसे हल्के लक्षण वाले संदिग्ध लोग जब कोरोना जांच कराने गये तो जांच में 54 लोग संक्रमित मिले हैं। वही यात्रा से पहले जांच करवाने वाले 15 लोग कोरोना संक्रमित मिले है। वहीं नौ स्वास्थ्य कर्मी वायरस की चपेट में आ गए हैं। कैं सर अस्पताल में सर्जरी से पहले मरीज कोरोना संक्रमित मिला है।
सीएमओ कार्यालय प्रवक्ता योगेश रघुवंशी ने बताया कि राजधानी के अस्पतालों में कुल 24 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती चल रहे हैं। केजीएमयू के कोविड अस्पताल में लखनऊ के छह कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती कराया गया है, जबकि पीजीआई के कोविड अस्पताल में दो संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है। सबसे ज्यादा कमांड हॉस्पिटल में 16 कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं। यहां पर दूसरी बीमारी का इलाज कराने मरीज पहुंचे थे। इलाज से पहले कोरोना की जांच कराई गई। जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई थी।












