लखनऊ। गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से मरीजों की निजी अस्पतालों में भेजने के प्रकरण की जांच रिपोर्ट का पत्र पुलिस के पास पहुंचने की बजाय बीच में ही गायब हो गया है। संस्थान प्रशासन ने जांच के बाद दो निजी अस्पताल से जुडे कथित दलालों पर कार्रवाई के लिए पत्र स्थानीय पुलिस को भेजा था। लगभग दो सप्ताह गुजरने के बाद भी पत्र थाने तक नहीं पहुंच सका है। ऐसे में निजी अस्पतालों के दलाल फिर धड़ल्लें से सक्रिय हो रहे है।
संस्थान प्रशासन का कहना है कि पुलिस को फिर से दोबारा पत्र भेजा जाएगा, ताकि वह रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई कर सके।
बताते चले कि गोलागंज स्थित निजी ट्रॉमा सेंटर का दलाल का नाम मरीजों को शिफ्ट कराने में खुलासे में आया था। इसमें एंबुलेंस चालक को धमकाने मामले का आडियो वॉयरल हुआ था। इस प्रकरण में संस्थान ने इस दलाल सहित एक अन्य दलाल पर कार्रवाई के लिए पत्र पुलिस को भेजा था। दो सप्ताह बाद भी पत्र अभी तक पुलिस पास नहीं पहुंचा है। इस पत्र में संस्थान प्रशासन ने दो दलालों पर शिकंजा कसने के लिए संस्तुति किया था। दोनों दलालों के नाम भी पुलिस को भेजे गए। परन्तु अभी तक कार्रवाई न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों को रिमाइंडर भेजा है। पुलिस की कार्रवाई न होने से दलाल दोबारा संस्थान बाहर फिर मरीज निजी अस्पतालों में शिफ्ट करवा रहे हैं। सीएमएस डॉ. राजन भटनागर का कहना है कि संस्थान में जो कर्मी इस कार्य में लिप्त पाये गये थे। उनको इमरजेंसी से हटा दिया गया है, जबकि जांच के बाद दो दलालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र भेजा गया था। अब पुलिस को चाहिये कि दलालों के मोबाइल नंबर व रिकार्ड खंगालकर उनके खिलाफ कार्रवाई करे।
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल का कहना है कि एडीसीपी पूर्वी को करीब एक महीने पहले दलालों पर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन अभी तक सीएमओ कार्यालय से एडीसीपी पूर्वी कार्यालय तक पत्र नहीं पहुंचा है। सीएमओ ने दोबारा रिमांइडर भी भेजा मगर वह पत्र भी पुलिस तक नहीं पहुंच पाया। साीएमओ ने बताया एडीसीपी पूर्वी को दोबारा इस प्रकरण से अवगत कराया जाएगा।












