लखनऊ। केन्द्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी एवं कौशल विकास तथा उद्यमिता मंत्रालय ने संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) में स्थापित मेडटेक- सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप का उद्घाटन किया। सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (सीओई), मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वास्थ्य सूचना विज्ञान (हेल्थ इन्फोर्मेटिक्स) के क्षेत्र में स्टार्टअप को अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान और राज्य में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देगा तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था का सपोर्ट करने के साथ ही रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
केंद्र का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री ने कहा कि यह भविष्य में मेडटेक सीओई मेडिकल प्लस टेक्नोलॉजी जैसे क्रॉस-डिसिप्लिनरी एप्लिकेशन डेवलपमेंट को बढ़ावा दे सकता है। इस जगह से बड़े इनोवेशन की उम्मीद है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। इस परिदृश्य में मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि मेडटेक डोमेन में उत्पाद बनाने के लिए आईपीआर बनाने, निर्यात को बढ़ावा देने, आयात को कम करने और भारत को मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के निर्माण के लिए एक वैश्विक केंद्र है।
उन्होंने कहा कि “स्टार्टअप और सीओई हमारे युवाओं के लिए अधिकतम अवसर पैदा कर सकते हैं। जनवरी 2021 से हम हर महीने 2 यूनिकॉर्न बढ़ा रहे हैं।
मेडटेक सेंटर में इनक्यूबेशन के लिए 15 मेडटेक स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। ये स्टार्टअप उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से हैं और कुछ अन्य राज्यों से हैं, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थान मिला है।
मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र वर्तमान में 10 अरब डॉलर होने का अनुमान है और 2025 तक 50 अरब डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है। इस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मेडी इलेक्ट्रॉनिक्स में घरेलू स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित कर रहे है।












