Kgmu कर्मी आज हड़ताल पर, Opd से truma तक सब ठप

0
579

 

 

 

 

 

 

लखनऊ। पीजीआई के समान वेतन भत्ते न मिलने पर आैर एक महीने के आश्वासन के बाद भी वादा पूरा न करने पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कर्मचारियों आक्रोशित है। नाराज कर्मचारियों ने शुक्रवार को केजीएमयू की ओपीडी से लेकर ट्रामा सेंटर में इमजरेंसी सेवाएं बंद कराने की घोषणा कर दी है। इससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि केजीएमयू प्रशासन का दावा है कि सभी चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से संचालन करने की अतिरिक्त व्यवस्था की गयी है।

 

 

 

केजीएमयू की ओपीडी में प्रतिदिन में दो से तीन हजार से अधिक नये व पुराने मरीज आते है। इसके अलावा यहां पर विभिन्न विभागों को मिला कर अलग- अलग लगभग 4500 बिस्तर हैं, जो कि ज्यादातर फुल चल रहे हैं। अकेले ट्रॉमा सेंटर में ही प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज इमरजेंसी में पहुंच रहे है। शुक्रवार को नर्सिंग, पैरामेडिकल और टेक्नीशियन सहित अन्य कर्मचारियों ने मांगे पूरी तरह से हड़ताल करने की घोषणा की है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है। कर्मचारियों की हड़ताल व आंदोलन से ओपीडी से लेकर भर्ती मरीजों इलाज में दिक्कत आ सकती हैं। पैथालॉजी व अन्य जांचें प्रभावित हो सकती हैं।

 

 

केजीएमयू कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष प्रदीप गंगवार ने कहना है कि 2000 से अधिक नियमित पैरामेडिकल स्टाफ हैं। 1500 से अधिक लिपिक व दूसरे संवर्ग के कर्मचारी अलग- अलग विभागों से लेकर प्रशासनिक कार्यालय में तैनात हैं। कर्मचारियों के समर्थन में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार का समर्थन किया है। सुबह नौ से ओपीडी में काम काज ठप कराने के बाद सभी लोग विभिन्न विभागों , प्रशासनिक भवन, पीएचआई भवन के बाद ट्रामा सेंटर जा कर काम काज को बंद करा देंगे। यह आंदोलन शाम पांच बजे तक आन्दोलन जारी रहेगा।
प्रदीप गंगवार ने बताया कि 23 अगस्त 2016 केजीएमयू कर्मचारियों को पीजीआई के समान वेतनमान व भत्ते देने का आदेश जारी हो चुका है। कैबिनेट की संस्तुति के बाद जारी शासनादेश अभी तक लागू नहीं किया जा रहा है। अधिकारी आदेश को लागू करने में टालमटोल कर रहे हैं। केजीएमयू के कर्मचारी अब न तो पुरानी व्यवस्था में बचे हैं न ही नए में शामिल हुए है। ऐसे में कर्मचारियों के कैडर का पुर्नगठन नहीं हो रहा है। ऐसे में प्रोन्नति भी नहीं मिल पा रही है। इससे कर्मचारियों का हर महीने हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है।

Previous articleहेल्‍थ ATM की तर्ज पर यहां लगेंगे हेल्‍थ मॉनीटर
Next articleLohia Institute: मांगे न पूरा होने पर आंदोलन की चेतावनी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here