कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में बढ़ रही यह गंभीर बीमारी

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लखनऊ। कोरोना संक्रमण के बाद मरीजों के स्वस्थ्य में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज होने की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही कार्डियक बीमारी का खतरा बढ़ा है। अगर देखा जाए हार्ट अटैक की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। परेशानी का सबब यह है कि कोरोना से ठीक हो चुके काफी संख्या में ऐसे मरीजों को भी हार्ट अटैक की दिक्कत हुई जो कि पहले पूरी तरह से स्वस्थ्य कहे जा रहे थे आैर उन्हें दिल से जुड़ी कोई बीमारी नहीं थी। यह जानकारी पीजीआई के कॉर्डियोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. नकुल सिन्हा ने सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की तरफ से आयोजित संगोष्ठी में दी।

 

 

 

डॉ. नकुल सिन्हा ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान वायरस भी हेल्दी हार्ट को भी बीमार बना सकता है। इसकी वजह से स्वास्थ्य व्यक्ति संक्रमण के बाद दिल की बीमारी से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि ईसीजी व कुछ खास ब्लड टेस्ट जांच से कार्डियक की कई बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हार्ट पेन या अन्य लक्षण महसूस होने के कुछ घंटे में एंजियोग्राफी ज्यादा बेहतर रहती है। उन्होंने बताया कि इंट्रावास्कुलर अल्ट्रासाउंड (आईवीयूएस) और ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (ओसीटी) हार्ट के मरीजों के इलाज में मददगार साबित हो रही हैं।
केजीएमयू में लारी कॉडियोलॉजी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. आरके सरन का कहना है कि सर्दियों में कार्डियक मरीजों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। जरा सी चूक से बीमारी उभर सकती है। अपने को ठंड से सुरक्षित रखते हुए दो से तीन किलोमीटर की वॉक करें आैर साइकिल चलाएं। हल्का व्यायाम भी निगरानी में कर सकते है। कार्यक्रम में डॉ. गौरांग मजूमदार, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मनीष और सचिव डॉ. संजय सक्सेना मौजूद रहे।

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