लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में जीनोम सीक्वेंसिंग की जारी रिपोर्ट में कोरोना वायरस का दो कप्पा वैरिएंट मिला था। इससे संक्रमित मरीज की पड़ताल में दो बच्चों में कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। गुड न्यूज़ यह है कि बच्चे संक्रमण से जंग जीत चुके है।
जानकारी के अनुसार राजधानी के कोकोरी रहने वाले 13 वर्षीय के बच्चे को 20 मई को तेज बुखार आया था। परिजनों ने स्थानीय डाक्टर के पास इलाज के लिए ले गये थे। डॉक्टर ने कोरोना टेस्ट कराया था, जिसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। संदेह के आधार पर 23 मई को बाद जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैम्पल केजीएमयू भेजा गया। शुक्रवार को केजीएमयू ने बच्चे में कप्पा वैरिएंट का संक्रमण बताया। इसी प्रकार माल क्षेत्र के रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी में भी कप्पा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। कोरोना संक्रमण के बाद संदेह के आधार पर जांच का नमूना 17 मई को लेकर केजीएमयू जांच के लिए भेजा गया था। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि कोरोना का कप्पा वैरिएंट खतरनाक नहीं माना जाता है। उदाहरण दोनों को बच्चें इस वैरिएंट की चपेट में आने के बाद ठीक भी हो गये।
फोकस सैम्पलिंग के अंतिम दिन भी करीब 4000 स्वास्थ्य कर्मियों के नमूने लिए गए। अब तक 24 हजार लोगों के नमूने लिए गए हैं। इनमें सिर्फ दो लोगों की रिपोर्ट ही पॉजिटिव पाई गई है। शनिवार को सभी की एंटीजेन रिपोर्ट नेगेटिव आई है। आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट आना बाकी है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सोमवार से फोकस सैम्पलिंग करा रहा है।











