NewS -प्रदेश योगासन खेल संघ एवं इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन के सयुंक्त तत्वाधान से आयोजित राष्ट्रीय व्याख्यान माला भाग 2 के दूसरे दिवस पर उत्तराखंड के आदित्य योग एवं नेचुरोपैथी रिसर्च संस्थान के निदेशक डॉ. डी.एन शर्मा जी ने बताया की कोविड, पोस्ट कोविड-19 के प्रबंधन में प्राकृतिक चिकित्सा और योग बहुत ही प्रभावी और उपचार है, प्राकृतिक चिकित्सायुक्त जीवन शैली के अनुपालन से हम अनेक रोगों से बच जाते हैं. हाइड्रो थेरेपी, जड़ी बूटीयो, नाड़ी शोधन प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम,शीतली एवं शीतकारी प्राणायाम के प्रयोग एवं अभ्यास से कोरोना के संक्रमण से बचा जा सकता है तथा बुखार के उतारने में प्राकृतिक चिकित्सा बहुत ही लाभकारी है इसमें हम घरेलू तरीके को अपनाकर अपने शरीर के तापमान को कम कर सकते हैं यदि हम शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाकर तथा उस पानी को पेशाब के रास्ते निकाल दे तो बुखार कम हो जाता है या हम पीपल के पत्ते,अमरूद के पत्ते, आटे का चोकर,इलायची और काली मिर्च से बना हुआ काढ़ा चादर ओढ़कर गर्म -गर्म पीते हैं,गर्म काढ़ा पीने के पश्चात आए हुए पसीने रूपी विजातीय तत्वों को ठंडे गीले तौलिए से शोख लेने से 5 मिनट में ही बुखार उतर जाता है,व शीतली, शीतकारी प्राणायाम करने से भी बुखार कम हो जाता है।
डॉ. डी. एन.शर्मा ने यह भी बताया कि डायबिटीज के रोगियों को नारियल पानी का प्रयोग नहीं करना चाहिए,हालांकि नारियल पानी विटामिन C का श्रोत तो है लेकिन वह मधुमेह के रोगियों के लिए अच्छा नहीं है उन्होंने कहा कि हम अपने दैनिक खानपान में खजूर,अजवाइन और कलौंजी को जरूर शामिल करें
प्रश्नोत्तरी सेशन में उन्होंने बताया कि यदि हमारा गला कुछ खराब हो रहा है तो हम उसके लिए शहद अदरक प्याज का रस आदि का प्रयोग कर सकते हैं
इस राष्ट्रीय व्याख्यान माला में महासचिव आचार्य विपिन पथिक जी, आचार्य सोनाली जौनपुर से धनवानी, अनीता अत्रेय ,खेल संघ के अध्यक्ष :डॉ. विजय लक्ष्मी जायशवाल, चेयरमैन अशोक सिंह ,डॉ.अनंत बिरादर,डॉ. ओम प्रकाश आनंद, डॉ. नन्द लाल जिज्ञासु, डॉ. अमर जीत यादव, डॉ. उर्मिला यादव,अरुण कुमार जय,कृष्ण बिहारी अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे।