NEWS- प्रदेश में तेजी से बढ़ रही आउटसोर्सिंग व्यवस्था तथा आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों के शोषण उत्पीड़न तथा वेतन बकाया ,इपीएफ, ईएसआई घोटाले ,समय से वेतन ना मिलना आदि समस्याओं के निराकरण हेतु संयुक्त स्वास्थ आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ उ प्र द्वारा दिनांक 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रदेश के समस्त जनपदों से पोस्टकार्ड पत्र भिजवाने का कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।
संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने संबंधित दिशा निर्देश प्रत्येक जनपद के जिला अध्यक्ष एवं मंत्री को प्रेषित कर दिया है तथा साथ ही इसकी सूचना सरकार एवं शासन को भेज दी गई है ।आउटसोर्सिंग व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों का लाखों रुपए वेतन सेवा प्रदाताओं द्वारा घोटाला कर दिया जाता है कर्मचारियों के वेतन से अवैध कटौती की जाती है ई पी ऍफ़ ईएसआई कटौती कर्मचारियों को नहीं मिलता इन सभी समस्याओं की शिकायत सरकार एवं शासन से करने के बाद भी किसी भी सेवा प्रदाता फर्म के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती है । प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल ने सरकार से अपील की है कि अगर युवाओं को रोजगार देना ही है तो आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद करके सभी विभागों में विभागीय संविदा पर जो व्यवस्था कई वर्ष पहले चल रही थी वहीं विभागीय संविदा की व्यवस्था लागू की जाए । बिचौलिए तथा सेवा प्रदाता फर्म धन का बंदरबांट कर रहे हैं उनको दरकिनार किया जाए क्योंकि इस व्यवस्था के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में सरकार द्वारा भुगतान किए जा रहे राशि में से 18% जीएसटी 25% इपीएफ लगभग 4% ईएसआई तथा 5 से 10% एजेंसी का सर्विस चार्ज कटौती की जाती है इस प्रकार 52 से 55% राशि बिचौलियों के पास चला जाता है। अगर यही राशि कर्मचारियों को मिले तो हर पद के कर्मचारी का वेतन वर्तमान में मिल रहे वेतन का दो गुना होगा। इसलिए सरकार से अपील है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद करते हुए कर्मचारियों की तैनाती सीधे विभागीय संविदा पर किया जाए तथा वर्षों से जो कर्मचारी स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण विभाग में कार्य कर रहे हैं उनको विभागीय संविदा पर समायोजित किया जाए। इसी मांग को लेकर संपूर्ण उत्तर प्रदेश में दिनांक 2 अक्टूबर को पोस्टकार्ड प्रेषित किए जाने का कार्यक्रम यूनियन द्वारा निर्धारित किया गया है जिससे माननीय मुख्यमंत्री जी का ध्यान आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर हो और इस व्यवस्था में बदलाव किया जाए।