लखनऊ।संजय गांधी पी जी आई में इमरजेंसी से लेकर अन्य विभागों तक कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। मरीजों की कोविड-19 जांच के बाद भर्ती किया जाता है, विभागों में संक्रमित हो रहे कर्मचारी व रेजिडेंट डॉक्टर कहां से संक्रमित हो रहे हैं। इसकी जांच की जाए प्रशासन ही करा पा रहा है। बताते चलें पीजीआई की इमरजेंसी से लेकर सीसीएम, एंडोक्राइन सहित कई अन्य विभाग में तैनात लोग कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद आज पैथोलॉजी लैब में एक तकनीशियन और दो रेजिडेंट डाक्टरों कोरोना का संक्रमण हो गया। इससे वहां तैनात डॉक्टरों और कर्मचारियों में हडकंप मचा हुआ है। यहां पर रोटेशन के आधार पर ड्यूटी लगानी चाहिए। पैथोलॉजी लैब को सैनिटाइजेशन कराने के साथ ही सील कर दिया गया है।
इसके अलावा नेफोलॉजी वार्ड में भर्ती में मरीज में भी कोरोना का संक्रमण आने पर वार्ड को सील करना पड़ा है। वार्ड को सेनेटाइज कराया गया है। बताते चलें अभी हाल में ही किडनी के मरीज में संक्रमण मिला था। यहां के मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया है। अभी इस विभाग की जांच समाप्त नहीं हुई थी कि पीडियाट्रिक्स गैस्ट्रो में भी कोरोना का मरीज में संक्रमण मिलने पर अफरा तफरी मच गई । आनन-फानन में उस वार्ड को सील कर वहां पर फागिगं और सेनेटाइज किया गया। इसी प्रकार ई ब्लाक के स्टोन सेंटर में कोरोना के मरीज मिलने पर हडकंप होने के कारण उस विभाग को आनन फानन कर सील किया गया और वहां पर सेनेटाइज और फागिगं किया गया। बताते चलें पीजीआई प्रशासन का दावा है कि हम कोविड-19 के प्रोटोकाल का पूरा पालन कर रहे हैं। मरीजों और डॉक्टरों में संक्रमण की केस हिस्ट्री तलाशी जा रही है। संक्रमण मिलने के बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों को क्वॉरेंटाइन करके जांच कराई जा रही है।