पीजीआई के इस आदेश से रेजिडेंट डॉक्टरों में आक्रोश, आज निकालेंगे कैंडिल मार्च

0
686

लखनऊ। पीजीआई प्रशासन द्वारा रेजिडेंट के कार्यों का मूल्यांकन संबंधी आदेश जारी होते ही रेजिडेंट डॉक्टर्स विरोध शुरू कर दिया हैं। उन्होंने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इस नए आदेश के विरोध में रविवार को कैंडल मार्च करेंगे। पीजीआई सब डीन डॉ अंकुर भटनागर ने आठ जुलाई को सभी विभाग प्रमुखों को एक आदेश जारी किया, जिसमे कहा गया है कि अब सभी रेजिडेंट डॉक्टर्स का हर 6 महीने में आंतरिक मूल्यांकन होगा। लगातार दो आंतरिक मूल्यांकन में यदि संतोषजनक प्रदर्शन नहीं रहा तो संबंधित रेजिडेंट को पीजी/डीएम/एमसीएच कोर्स से निष्कासित कर दिया जाएगा ।

शनिवार को इस आदेश की जानकारी मिलते हैं रेजिडेंट डॉक्टर्स लामबंद हो गए। परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत हुई बैठक में पूरे मामले का विरोध किया गया। रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आकाश माथुर और महासचिव डॉ.अनिल गंगवार ने बताया कि संस्थान एमसीआई के नियमों की अनदेखी कर रहा है। रेजिडेंट ने एमसीआई को पत्र भेजा गया है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने भेजे गए पत्र में सवाल उठाया है कि मेडिकल छात्र राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में टॉप रैंक लाकर संस्थान में आते हैं।एमसीआई ने इस तरह का कोई नियम नहीं बनाया है।

Previous articlePGI: दो कर्मी कोरोना संक्रमित, जनसंपर्क कार्यालय बंद
Next articleयूपी के कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान कोरोना संक्रमित

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here