लाइन में लगी गर्भवती ने दिया शिशु को जन्म

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लखनऊ। मुख्यमंत्री ने निर्देश के बावजूद गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की चिकित्सा व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती महिला को कोरोना जांच भेज दिया। जहां पर वह लाइन में खड़ी थी कि वहीं तेज प्रसव पीड़ा हुई, उसने मदद की गुहार लगायी, वहां पर खड़ी भीड़ ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। कुछ महिलाएं मदद के लिए आयी, तब तक वह भीड़ के बीच नवजात शिशु को जन्म दे चुकी थी। जिम्मेदार अधिकारियों ने आनन-फानन में प्रसूता को वार्ड में भर्ती कराया गया। फिलहाल जच्चा बच्चा दोनो सुरक्षित हैं। इसके बाद बदहाल चिकित्सा व्यवस्था को छुपाने के लिए संस्थान ने तत्काल एक कन्सल्टेंट सहित चार रेजीडेंट्स को जहां ड्यूटी से हटा दिया।

स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की प्रमुख से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संस्थान की निदेशक प्रो. नुजहत हुसैन जांच के लिए समिति गठित कर दी है। उनका कहना है कि हर प्रकार के मरीजों के लिए एसओपी जारी की जा चुकी है। जांच में जो भी दोषी होगा सख्त कार्रवाई होगी। इंदिरानगर निवासी कल्पना दीक्षित पत्नी अमन दीक्षित की नौ माह की डिलिवरी समय पुरी हो चुका था। बताया जा रहा है कि गर्भवती महिला बीते कुछ दिनों से परेशानी होने पर लगातार अस्पताल की चक्कर काट रही थी। सोमवार को जब उसे तेज दर्ज शुरु हुआ तो उसके परिजन उसे लोहिया अस्पताल ले आये थे। ड्यूटी पर तैनात अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने के वजाए कोविड की जांच कराने के भेज दिया गया।

मजबूर होकर गर्भवती महिला कोरोना जांच की लाइन में खड़ी हो गयी। कतार में खड़ी गर्भवती को प्रसव पीड़ा होना शुरू हो गयी। उसने मदद की गुहार लगायी। वहां पर हड़कम्प मच गया। कुछ महिलाएं मदद के लिए आगे आयी, लेकिन तब तक शिशु को जन्म दे दिया। लाइन में खड़ी प्रसूता द्वारा बच्चे को जन्म दिये जाने की सूचना के बाद अस्पताल प्रशासन की हाथ-पाव फूल गये। आनन-फानन में उसे महिला प्रसूता वार्ड में सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर इनडोर नंबर 8817 के तहत भर्ती कराया गया।

आरोप है कि अस्पताल की महिला चिकित्सा अधीक्षक डा. सरिता सक्सेना लीपा पोती में जुट गयी। लापरवाही उजागर होने पर संस्थान ने तत्काल जांच के निर्देश दे दिये। संस्थान के प्रवक्ता श्रीकेश सिंह ने बताया कि यह किसी भी प्रसूता जिसके डिलेवरी का समय पुरा हो गया है। सबसे पहले उसे भर्ती करना चाहिए था बाद में आवश्यक जांच करानी चाहिए थी, लेकिन इस मामले में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ की लापरवाही सामने आयी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से ड्यूटी पर तैनात दो-तीन स्त्री रोग डॉक्टरों को नोटिस जारी किया जाएगा।

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