लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग को बिना जानकारी दिये कोरोना संक्रमित का मरीज इलाज करने पर डालीगंज हॉस्पिटल को सील कर दिया है। इसके साथ ही मरीज के सीधे संपर्क में आए डाक्टर व अन्य का नमूना भी लिये गये। स्वस्थ्य विभाग ने 14 दिनों के लिए अस्पताल के पूरे स्टाफ को होम क्वॉरेंटीन रहने के निर्देश दिये गये हैं। सदर निवासी मोहम्मद शरीफ (75) अस्थमा के मरीज है। गत नौ अप्रैल को उनकी तबियत बिगड़ने पर सांस के साथ तेज बुखार भी आया। स्थानीय डाक्टर न होने पर परिजन उन्हें अपने परिचित एक डाक्टर को दिखाने मौसमबाग स्थित डालीगंज हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डाक्टरो ने उन्हें भर्ती कर इलाज किया। इसके चलते वह कुछ हद तक ठीक हो गए। हॉस्पिटल के डाक्टर उनको 13 अप्रैल की शाम डिस्चार्ज करने वाले थे कि तब तक उनके बेटे में कोरोना की पुष्टि हो गयी।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजी दिखाते हुए उन्हें एम्बुलेंस से कानपुर रोड स्थित लोकबन्धु अस्पताल के आइशोलेशन वार्ड में भर्ती कराया, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 14 अप्रैल को मोहम्मद शरीफ का नमूना लेकर जांच के लिए किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय भेज दिया, जहां उनकी रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि की गयी। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील करा दिया गया है। मरीज के सीधे संपर्क में आए लोगों का नमूना भी लिये गये। 14 दिनों के लिए अस्पताल के पूरे स्टाफ को होम क्वॉरेंटीन रहने के निर्देश दिये गये हैं। बाकी अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
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