लखनऊ। प्रदेश में कैंसर से होने वाली मौतों में लंग कैंसर पुरुषों में तीसरा और महिलाओं में आठवां सबसे प्रमुख कारण है। अधिकांश मामले पुरुषों में सामने आते हैं। बिना धूम्रपान के भी नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (एनएससीएलसी) सभी तरह के लंग कैंसर के मामलों में 85 प्रतिशत पाया जाता है। दुर्भाग्यवश, ऐसे अधिकांश मामले देरी से पकड़ में आते हैं, क्योंकि इस रोग के शुरूआती लक्षण दिखायी नहीं देते, या फिर इन लक्षणों को अन्य संक्रमण समझा जाता है।
इस बारे में पीजीआई स्थित रीजनल कैंसर सेंटर की डॉ सुषमा अग्रवाल ने बताया कि लंग कैंसर के सामान्य लक्षणों में खांसी, जो दूर नहीं हो रही हो, छाती में दर्द, भूख न लगना, बिना वजह वज़न कम होना, खांसी के साथ खून जाना, सांस फूलना और आवाज़ में भारीपन शामिल है। इन लक्षणों का होना अपने आप में इस बात की निशानी नहीं होता कि मरीज़ को लंग कैंसर है, लेकिन इनके रहते लंग कैंसर का निदान होना और सही उपचार लेना आवश्यक है। इसमें टारगेटेड थेरेपी उन मरीज़ों के लिए फायदेमंद होती है, जिनके डीएनए में खास किस्म के बदलाव होते हैं।
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