लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के शताब्दी फेज- दो के नेफ्रोलॉजी विभाग के बरामदे में बृहस्पतिवार की दोपहर को शार्ट सर्किट हो गया। शार्ट सर्किट से लगी आग से फाल्स सीलिंग से धुआं निकलकर वार्डो में घुसने लगा। बढ़ता धुंआ देखकर तीमारदार मरीजों को लेकर बाहर निकलने लगे। आनन- फानन में कर्मचारियों ने फायर उपकरणों की मदद से उसे काबू कर लिया आैर मरीजों व तीमारदारों ने राहत की सांस ली।
शताब्दी फेज दो के नेफ्रोलॉजी पुरुष वार्ड के बाहर बरामदे की फाल्स सीलिंग में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे शार्ट सर्किट से आग लगने से धुआं निकलने लगा। धुआं बरामदे में भरने के बाद वार्डो में घुसने लगा। कर्मचारियों ने आनन – फानन मेंं बिजली आपूर्ति बाधित की आैर फायर उपकरणों की मदद से उसे काबू किया। मामले की सूचना बिजली विभाग के इंजीनियरों को दी गई। मौके पर पहुंचे इंजीनियरों ने जांच पड़ताल की। कर्मचारियों का कहना था कई दफा बरामदे व वार्डो में शार्ट सर्किट की घटनाएं हो चुकी हैं। तमाम शिकायतें करने बाद भी कोई भी इंजीनियर व बिजलीकर्मी झांकने तक नहीं आता है। ऐसे में यहां पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक, फाल्स सीलिंग में लगी लाइट में शार्ट सर्किट हुआ था। कोई बड़ी घटना नहीं हुई है।
सबसे ज्यादा आश्चर्य तब हुआ जब शार्ट सर्किट से धुआं बरामदे में फैलने बाद भी कोई वहां लगे स्मोक अलार्म नहीं बजे। तीमारदारों ने शोर मचाया तो कर्मचारी दौड़े थे। कागजों पर शताब्दी समेत सभी विभागों में फायर सिस्टम दुुरुस्त है। हकीकत यह है कि फायर विभाग ने बीते डेढ़ साल पहले किए गए सर्वे पर शताब्दी समेत सभी भवनों मेंं लगे फायर उपकरणोंं को खराब बताया था। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। अफसर फायर उपकरणों को ठीक कराने की बजाय लीपापोती कर रहे हैं।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












