लखनऊ। एम्स के बराबर भत्तों व अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर संजयगांधी पीजीआई के रेजीडेंट डाक्टरों ने देर शाम को कैडिंल मार्च निकाल कर निदेशक के आवास के बाहर शीत लहर में भी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बताया जाता है कि रेजीडेंट डाक्टरों ने प्रदर्शन से काम काज भी प्रभावित हो गया, लेकिन किसी भी प्रकार के काम काज को प्रभावित होने पीजीआई प्रशासन ने इनकार कर दिया है। हालांकि देर रात तक निदेशक आवास के बाहर ठंड में रेजीडेंट डाक्टरों ने घेरा डाल रखा था, जबकि निदेशक के प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल बुला लिया आैर उन्हे समझाने का प्रयास कर रहे थे। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि पीजीआई में कोई नियम नही है कि रेजीडेंट डाक्टरों को एम्स के समकक्ष भत्ता दिया जाए।
पीजीआई में आज देर शाम को अचानक रेजीडेंट डाक्टरों ने एकेडमिक ब्लाक के पास एकत्र होना शुरू कर दिया। यहां पर एकत्र होकर सभी ने मोमबत्ती लेकर जुलूस निकालना शुरू किया। सभी एक मत से एम्स दिल्ली के समकक्ष भत्ते व अन्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि पीजीआई प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें उपेक्षित रखते हुए कैबिनेट मीटिंग में उनके प्रस्ताव को रखा ही नही था। जब कि वह शांतिपूर्वक तरीके से मांग कर रहे थे। ताकि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो। परिसर में जुलूस को निकालते हुए सभी रेजीडेंट डाक्टर परिसर स्थित पीजीआई निदेशक डा. राकेश कपूर के आवास पर पहुंच गये।
यहां पर भी ठंड के बाद भी धरना में बैठक गये। उनका कहना था कि जब तक मांग पूरी नही होती है, तब धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उधर निदेशक डा. कपूर के तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को बुला कर उन्हें समझाने का प्रयास करने लगे थे। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि रेजीडेंट डाक्टर अध्ययन के लिए आते है। उन्हें एम्स के समकक्ष भत्ते दिये जाने का कोई नियम नही है।
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