क्वीन मेरी का स्थापना दिवस

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लखनऊ। सेंटर फॉर सेलुलर के डॉ. गिरिराज चंदक ने कहा कि महिला के खानपान,स्वास्थ्य व पर्यावरण का असर उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण पर भी पड़ता है। यदि कोईमहिला डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदयरोग से ग्रसित है तो उसके बच्चे पर भी इसका असरहोना स्वाभावित है। यह अलग बात हैकि समय रहते उसका इलाज करके असर को कम किया जा सकता है। वह बुधवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के क्वीन मेरी अस्पताल के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कररहे थे।

डा. चंदक ने कहा कि जिन महिलाओं को डायबिटीज हैं, उन्हें गर्भ से पहले विशेषज्ञ की सलाह पर नियंत्रित रखना चाहिए। खान पान का खासतौर से ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान स्त्री एवंप्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता दास ने बताया कि अस्पताल में प्रतिवर्ष लगभग10,000 प्रसव होते हैं, जिसमें से अधिकतर जटिल होते है। मरीज के ठीक होने में उपचारके साथ-साथ उसके मनोबल एवं मानसिक स्थिति का अहम योगदान होता है।

इस प्रक्त्रिस्यामें चिकित्सक के व्यवहार का भी बहुत महत्व है, इसलिए प्रति वर्ष क्वीन मैरी अस्पतालमें एक रेजीडेंट को सबसे मानवीय गुणवत्ता के आधार पर मतदान प्रक्त्रिस्या द्वाराचुना जाता है। इस वर्ष यह पुरस्कार डॉ. सुमैय्या साद और आयुषी शुक्ला को दिया गया।बेहतर कर्मचारी का अवार्ड क्लर्क श्रीमती विमला, स्टाफ नर्स श्रीमती राजकुमारी,श्री संतोष एवं श्रीमती तनुल दत्ता को दिया गया। इस दौरान विभाग की सभी चिकित्सक वअन्य चिकित्साकर्मी मौजूद थे।

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