लखनऊ – प्रदेश पेडिकान के तत्वधान में आगामी 16 नवंबर से 18 नवंबर तक 39 वां स्टेट कांफ्रेंस ऑफ इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स का आयोजन किया जा रहा है, जिसमे पूरे देश से हजारों बाल रोग विशेषज्ञ शिरकत करेंगे। इस तीन दिवसीय कांफ्रेंस में 0 से 18 साल तक के बच्चों की हर समस्यों व बीमारीयों पर चर्चा की जायेगी। इसके साथ ही कांफ्रेंस में नये बाल रोग विशेषज्ञों को बच्चों के साथ व्यवहार उनके इलाज में आयी नयी तकनीक की जानकारी दी जाएगी।
कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित संयोजक डॉ. आशुतोष वर्मा ने बताया कि यूपी पेडिकान उत्तर प्रदेश बाल रोग विशेषज्ञों की एक वार्षिक कांफ्रेंस है जिसमे लगभग ढेड़ हजार डॉक्टर्स आ रहे है। ये डॉक्टर्स सरकारी और गैर सरकारी सभी जगहों से है,ं जो नवजात बच्चों में आ रही नई नई बीमारियों और उनसे ठीक होने की नई- नई तकनीकों विषय में इस कांफ्रेंस में चर्चा करेंगे। उन्होंने बताया कि बच्चों में पेट दर्द, कार्डियक,श्वसन व अन्य बीमारियों पर चर्चा की जाएगी।
लखनऊ एकेडमी आफ इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अध्यक्ष डॉ आर आहूजा ने कहा कि इस कांफ्रेंस का सबसे जरुरी मुद्दा निमोनिया की बीमारी है क्योकि सबसे ज्यादा नवजात बच्चों की मृत्यु का कारण निमोनिया होता है। जिसमे हम ये चर्चा करेंगे कि कैसे हम बच्चों को बचाएं निमोनिया से हो रही उनकी मृत्यु दर को कैसे कम किया जाएँ। इसके आलावा दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा है बच्चों के पेट ख़राब होने का है।
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