आरएमएल : करीब 45 करोड़ की लागत की अत्याधुनिक नयी मशीनों से होगा जटिल बीमारियों का इलाज

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लखनऊ – चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन ने कहा कि डा.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का आैर विस्तार किया जाएगा। एसजीपीजीआई में हो रहे साढ़े पांच सौ बेड के विस्तार की तरह ही लोहिया संस्थान के दूसरे चरण का निर्माण होगा। इसके लिए संसाधनों की कमी नहीं होगी। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा में व्यापक बदलाव हो रहा है। एक साथ 13 नये मेडिकल कालेज बनाए जा रहे हैं जबकि अभी तक सिर्फ 13 मेहिकल कालेज की काम कर रहे थे। इससे भविष्य में चिकित्सकों की कमी दूर होगी आैर मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा।

गोमती नगर स्थित डा.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मंगलवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने करीब 45 करोड़ की लागत से लगी पेट सीटी स्कैन मशीन, लीनियर एक्सीलरेटर, डीएसए लैब, मेमोग्राफी मशीन आैर हाईपर बेरिक थेरेपी यूनिट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई की मौजूदा क्षमता को 985 बेड से बढ़ाया जा रहा है। इसमें 550 बेड नये बढ़ेंगे। इसी प्रकार राम मनोहर लोहिया अस्पताल से विलय के बाद लोहिया संस्थान के कुल बेडों की क्षमता बढ़कर साढ़े नौ सौ हो जाएगी। मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए संस्थान के दूसरे चरण का भी निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में सौ नये मेडिकल कालेज बनाए जा रहे हैं। इसमें से 13 उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समाज के हर तबके को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए कटिबद्ध हैं। ऐसे में चिकित्सा शिक्षा में व्यापक बदलाव हो रहा है।

उन्होंने कहा कि गम्भीर रोगों का उपचार एक चुनौती है। प्रदेश सरकार मरीजों को किफायती व विश्वस्तरीय उपचार मुहैया कराने की दिशा में काम कर रही है। जल्द ही वह दिन आएगा जब प्रदेश के सभी 26 मेडिकल कालेजों में कैंसर यूनिट चालू हो जाएगी। लखनऊ में कैंसर संस्थान, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, एसजीपीजीआई व केजीएमयू एक ‘अम्ब्रोला” के तौर पर मिलकर काम करेंगे। टाटा मेमोरियल संस्थान भी इसमें मदद कर रहा है। मरीजों को उपचार के लिए मुम्बई नहीं जाना होगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डा.रजनीश दुबे ने कहा कि लोहिया संस्थान ने बेहतर काम किया है। पीजीआई के बाद मरीजों को गुणवत्तायुक्त चिकित्सा मुहैया कराने में बड़ा योगदान है। संस्थान के निदेशक डा.दीपक मालवीय ने कहा कि संस्थान जल्द लिवर ट्रांसप्लांट शुरू करेगा। लोहिया अस्पताल के विलय के बाद आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं भी मुहैया करायी जाएंगी। इस मौके पर प्रो.मुकुल मिश्र, डा.मधुप रस्तोगी, डा.धनन्जय कुमार सिंह, डा.एसपी मिश्र प्रमुख तौर पर उपस्थित थे।

यह है नयी मशीन

पेट सीटी मशीन करीब 17 करोड़ की लागत से खरीदी गयी इस मशीन से कैंसर के फैलाव को आसानी से देखा जा सकेगा। संस्थान में टाटा जैसे संस्थान से मरीज रेफर होकर आते हैं। प्रदेश में एसजीपीजीआई के अलावा सरकारी क्षेत्र में यह दूसरी मशीन हैं। डीएसए लैब करीब सवा आठ करोड़ की लागत की इस मशीन से मस्तिष्क की रक्त नलिकाओं के क्षतिग्रस्त होने से बहने वाले रक्त को रोकने का काम किया जा सकेगा।

लीनेक एक्सीलरेटर मशीन करीब पौने 13 करोड़ लागत की मशीन से कैंसर के मरीजों को विकिरण के माध्यम से चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। लोहिया संस्थान में तीन लीनेक एक्सीलरेटर काम कर रहे हैं। मशीन से कैंसर के रोगियों की प्रतीक्षा सूची कम करने में मदद मिलेगी। मेमोग्राफी मशीन करीब चार करोड़ की लागत की मशीन से महिलाओं में स्तन कैंसर की पहचान की जा रही है।

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