विशेषज्ञों की कमी है बर्न का इलाज के लिए

0
826

लखनऊ – राजधानी के सरकारी अस्पतालों की बर्न यूनिट में मरीजों के विशेष इलाज पर संकट बन रहा है। अगर देखा जाए तो विशेषज्ञ की कमी के चलते किसी भी अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में मरीजों का इलाज सामान्य डॉक्टर कर रहे हैं। ऐसे में बर्न के विशेष इलाज से खफा इलाज से नाराज मरीज निजी अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं।
अगर देखा जाए तो बलरामपुर अस्पताल की 11 बेड की बर्न यूनिट में मरीजों का हाल लेने वाला कोई भी प्लास्टिक सर्जन तैनात नहीं है। पूर्व में यहां पर दो प्लास्टिक सर्जन तैनात थे। जिसमें प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार व दूसरे डॉ. राजीव लोचन। इसमें डॉक्टर प्रमोद कुमार सेवानिवृत्त हो गए।

जबकि डॉ. राजीव लोचन प्रशासनिक पद पर आसीन है। ऐसे में यहां भर्ती मरीजों के लिए सामान्य सर्जन लगाए गए हैं। इलाज से असंतुष्ट होकर तीमारदार अपने मरीज को लेकर सिविल या निजी अस्पताल जा रहे हैं। तीमारदारों का आरोप है कि बर्न यूनिट में कोई भी डॉक्टर देखने तक नहीं आता। नर्सेज के भरोसे मरीजों का इलाज चल रहा है। यह आरोप दीए से झुलसी मासूम कशिश के तीमारदारों ने अस्पताल पर लगाए हैं। वहीं पटाखे से झुलसे से विजय के तीमारदार भी इलाज से खफा है। उनका भी आरोप है कि कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर यहां पर उपचार के लिए नहीं आता है।

यही नहीं सिविल अस्पताल की 50 बेड की बर्न यूनिट में झुलसे मरीजों को देखने के लिए महज एक ही प्लास्टिक सर्जन तैनात है। अस्पताल निदेशक का दावा है कि प्लास्टिक सर्जन की मदद के लिए दो जनरल सर्जन लगाए हैं। वहीं यहां पर पूर्व में तैनात प्लास्टिक सर्जन डॉ. आरपी सिंह को बीआरडी महानगर में प्रशासनिक पद पर तैनाती कर दी गई है। ऐसे में यहां भी झुलसे मरीजों का इलाज मुश्किल होता जा रहा है।

अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.

Previous articleइबोला से कांगों में 200 से अधिक की मौत
Next articleगलत इलाज की शिकायत सीएम से की

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here