लखनऊ – सरकार की ई- फार्मेसी की योजना के विरोध करते हुए दवा के रिटेल व्यापार को बचाने के लिए शुक्रवार को दवा की दुकाने बंद रहेगी। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश के नेतृत्व दवा व्यापारी अमीनाबाद मेडिसिन मार्केट में एकत्र होकर जुलूस निकालते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपने जाएंगे। राजधानी में लगभग छह हजार दवा की दुकाने बंद रहेगी। प्रदेश के संरक्षक गिरिराज रस्तोगी ने बताया कि ई-फार्मेसी के विरोध में 28 सितम्बर को भारत बंद का आह्वान किया गया है। ई- फार्मेसी से लगभग 90 प्रतिशत दवा की रिटेल दुकाने प्रभावित हो रही है। यहीं नहीं इसके आड़ में नकली व अवैद्य दवा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री अनिल जय सिंह ने कहा कि क्या सरकार बतायेगी कि इमरजेंसी में ऑनलाइन दवा मरीज को समय से कैसे मिल सकेगी। इसके अलावा क्या नशे के तौर पर प्रयोग की जाने वाली दवाओं की उपलब्धता नशे की आदी व्यक्ति को आसानी से नहीं हो जायेगी। उन्होंने कहा कि दाम निर्धारण के लिए दवा व्यापारियों के लिए बने नियम ऑनलाइन दुकानों के लिए क्यों नहीं लागू किये गये। अगर डॉक्टर ने दवा इलाज के दौरान दवा बदल दी या दवा बच गयी तो क्या उसे बदलने या वापस करने की सुविधा ई – फार्मेसी में मिलेगी। दवा व्यापारियों ने सरकार के समक्ष रखते है आैर ई-फार्मेसी के विरोध में 28 सितम्बर को भारत बंद का आह्वान किया है।
प्रवत्ता विकास रस्तोगी ने बताया कि दवा व्यापारियों के साथ-साथ आम जनता के लिए भी ई-फार्मेसी उचित नहीं है। इस तरह की नीतियों को लागू करते समय सरकार को चाहिये कि सम्बन्धित क्षेत्र के विशेषज्ञों की राय भी लेनी चाहिये, इससे लाभ यह होगा कि जो व्यावहारिक कठिनाइयां नीतियां लागू करने में आ सकती हैं, उनका हल पहले से ही खोजा जा सकेगा। दवा की दुकाने बंद करके शुक्रवार को विरोध प्रदर्शित किया जाएगा।
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