लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में दूसरे दिन भी नेट कनेक्टीविटी फेल होने से ओपीडी में मरीजों की जांच कराने से लेकर भर्ती के लिए मारामारी मची रही। पैथालाजी में जांच के लिए मरीजों के ब्लड के नमूने तो एकत्र कर लिए गये, लेकिन जांच के लिए नमूनों की बार कोडिंग नहीं होने के कारण मरीजों की जांच रिपोर्ट भी नहीं मिल पायी। ऐसे में मरीजों के तीमारदारों ने जम कर हंगामा मचा दिया। किसी तरह जल्द ही जांच रिपोर्ट देने का वादा करके मामले को शांत कराया गया। वहीं आईटी सेल के अधिकारियों का तर्क है बीएसएनल की इंटरनेट सेवा में दिक्कत चल रही है।
बताते चले कि केजीएमयू की ओपीडी के विभिन्न विभागों में नये व पुराने लगभग नौ हजार मरीज पहुंचते है। इनमें काफी संख्या में मरीजों की ब्लड की जांच के लिया जाता हैं, जिसको जांच के लिए पैथालॉजी जंाच के लिए भेजा जाता है। बृहस्पतिवार को दूसरे दिन सुबह से इंटरनेट नही चल रहा था। ऐसे में ऑन लाइन पर्चा बनवाने के लिए लाइन लगाये हुए थे। नेट न आने से पर्चे न बनने को लेकर तीमारदार आक्रोशित हो गये, आक्रोश को देखते हुए कर्मचारियों ने मैनुअल पर्चे बनाना शुरू कर दिया। ब्लड सेम्पल सेंटर पर तैनात कर्मियों ने ऑफ लाइन सैकड़ों ब्लड के नमूने एकत्र तो कर लिए लेकिन नेट नहीं चल पाया तो बार कोडिंग नहीं हो पायी।
ऐसे में सेंटरों पर सैकड़ों नमूने डंप हो गये। ऐसे में बुधवार को संग्रह किए गए ब्लड के नमूने की रिपोर्टिंग नहीं की गयी तो जांच रिपोर्ट लेने आये तीमारदार बवाल करने लगे। यही नही ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की भर्ती करने का काम भी प्रभावित हो गया। काफी देा बाद दूसरी कंपनी का इंटरनेट कनेक्ट करके कर्मचारियों ने काम शुरू किय। परन्तु भी स्लो चलने से काम नही हो पा रहा था। मगर वह भी धीमा होने से ऑन लाइन काम बंद कर दिया गया। आईटी सेल के अधिकारियों का दावा है कि बीएसएनएल की इंटरनेट सेवा दो दिन से प्रभावित है।
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